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सिपाही पर हमले के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़

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प्रतापगढ़। मानधाता के सिपाही पर हमले के एक आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार रात चंघईपुर से मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाके में सनसनी फैल गई। मुठभेड़ के दौरान तीन हमलावर भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने हमलावर का उपचार कराने के बाद उसे जेल भेज दिया।
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पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने बताया कि 23 जून को सुबरनी व मइर्दपुर के मध्य बकुलाही नदी के पास महुआ के पेड़ के नीचे बैठे बदमाशों ने मानधाता थाने में तैनात हल्का सिपाही मोहन प्रसाद, रोशनलाल व शिवसागर कुशवाहा के टोकने पर फायर झोंक दिया था। गोली मोहन को जा लगी। बदमाश भाग निकले थे और सिपाही मोहन का उपचार इलाहाबाद में चल रहा है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने अपराधियों को दबोचने के लिए मानधाता में डेरा डाल दिया। 23/24 की रात मानधाता एसओ एमपी सिंह व उपनिरीक्षक अजीत शुक्ला हमलावरों की तलाश में चंघईपुर की ओर निकले थे। बकुलाही नदी के करीब चार बदमाश बाग में छिपे बैठे दिखे। पुलिस जीप देखते ही वे फायर करते हुए भागे। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ फायरिंग करते हुए उनका पीछा कर लिया। गोलियों की तड़तड़ाहट शांत होने के बाद पुलिस आगे तलाश करने लगी। पुलिया के पास एक बदमाश गिरकर कराह रहा था।

उसके पास तमंचा था और पैर में गोली लगी थी। जेब से खोखा व कारतूस मिले। पूछताछ में उसने अपना नाम अनीस पुत्र जैनुद्दीन निवासी हरिहरपुर बताया। पुलिस ने उसे कर्रा किया तो उसने सिपाही मोहन प्रसाद पर हमले में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि वह अपने पड़ोसी आलम व आशिक अली उर्फ सनी पुत्र शौकत, नौशाद पुत्र यहिया खान निवासी अकोढ़िया थाना मानधाता के साथ बकुलाही नदी के पास बाग में बैठा हुआ था। सभी के पास असलहे थे। सिपाहियों के टोकने के बाद नजदीक आते देख गिरफ्तारी के भय से फायर झोंक दिया। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए वे भागते रहे। एसपी ने बताया मुठभेड़ में गिरफ्तार अनीस को जेल भेज दिया गया। जेल अस्पताल में उसका इलाज होगा। अन्य आरोपियों की तलाश मेें दबिश दी जा रही है। पकड़े गए हमलावर के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई है।
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पुलिस से बचने को जंगल में छिपे थे सिपाही के हमलावर
मानधाता पुलिस की मानें तो सिपाही को गोली मारने के बाद हमलावर जान बचाने के लिए इधर उधर भागते रहे। रात में चंघईपुर बाग को सुरक्षित मानकर वे बाग में छिपे थे। हालांकि वे पुलिस से छिप नहीं सके।

अपराधों की हो रही छानबीन
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने बताया कि सिपाही को गोली मारने के आरोपी अनीस से पूछताछ हुई, लेकिन वह गोली लगने से घायल था। इसलिए कड़ाई से बात नहीं हो सकी। अनीस व उसके साथियों के ऊपर दर्ज अपराधिक मुकदमों की छानबीन की जा रही है। जेल भेजे गए अनीस के ऊपर मानधाता थाने में तीन मुकदमे दर्ज हैं।

आशिक उर्फ सनी ने मारी थी सिपाही को गोली
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने बताया कि पकड़े गए अनीस ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह बाग में साथियों के साथ बैठा था। सिपाहियों को नजदीक आते देख गिरफ्तारी से बचने के लिए आशिक अली उर्फ शनि ने गोली चला दी। जो सिपाही मोहन को जा लगी।

सिपाही पर हमले के आरोपियों में बीडीसी सदस्य का बेटा भी शामिल
मानधाता में शुक्रवार को सिपाहियों के ऊपर फायर झोंकने की घटना में क्षेत्र पंचायत सदस्य अकोढ़िया याहिया खान का बेटा नौशाद भी शामिल है। सभी के परिवार के पुरुष सदस्य घर पर नहीं हैं। पुलिस सरगर्मी से नौशाद की तलाश कर रही है।

मानधाता पुलिस की लापरवाही से सिपाही पर जानलेवा हमला हुआ। यदि प्रधान की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से लेकर बाइक सवार बदमाशों की तलाश में छापेमारी की होती तो शायद शुक्रवार को सिपाहियों पर हमला न होता। महीनों से ऐसे युवकों से इलाके के लोग सहमे हुए थे।

मानधाता पुलिस से सुबरनी गांव के प्रधानपति मोहम्मद रईस ने गुरुवार को मानधाता पुलिस से शिकायत की थी कि हरिहरपुर और रामपुर बंतरी के दर्जन भर युवक आए दिन वर्चस्व की जंग में हथियारों का प्रदर्शन करते हुए फायरिंग करते हैं। गुरुवार को भी मुख्य मार्ग पर बाइकर्स युवकों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। जिससे क्षेत्र के लोग भयभीत रहते हैं। यदि ऐसे लोगों को समय पर न रोका गया तो गंभीर घटना घटित हो सकती है। यदि प्रधानपति की शिकायत को मानधाता पुलिस ने गंभीरता से लिया होता तो शायद शुक्रवार को सिपाहियों पर जानलेवा हमले की घटना घटित न होती। इलाके के लोगों का आरोप है कि मानधाता पुलिस शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेती। जिसके चलते क्षेत्र में कई बार बड़ी घटनाएं घटित हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने आला अधिकारियों से अपेक्षा की है कि थाने पर होने वाली शिकायतों को पुलिसकर्मी गंभीरता से लें ताकि ऐसी वारदातें न हो सकें।
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हेडिंग-
सिपाही पर हमले के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़
सबहेड-
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आरोपी के पैर में लगी गोली, उपचार के बाद पुलिस ने भेजा जेल
टोकने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए सिपाहियों पर झोंका था फायर
अमर उजाला ब्यूरो
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