प्रतापगढ़। केंद्र सरकार की तरफ से मॉडल स्टेशन के तौर पर विकसित किए जाने के लिए प्रतापगढ़ को भी चुना गया था, लेकिन स्टेशन की बदहाली अभी तक दूर नहीं हो सकी है। अंग्रेजों के जमाने के प्लेटफार्मों पर बड़े-बड़े गड्ढ़ों से यात्रियों को न सिर्फ ट्रेनों में चढ़ने-उतरने में दिक्कत हो रही है, बल्कि सामान लेकर आने-जाने में भी परेशानी होती है।
बताया जाता है कि स्टेशन से करीब 68 ट्रेनें गुजरती हैं। आधा दर्जन ट्रेनें यहां से बनकर चलती हैं। इसके बावजूद यात्रियों को खास सुविधा नहीं मिलती है। प्लेटफार्म एक से लेकर तीन तक जगह-जगह छोटे-बड्डे गड्ढे हो गए हैं। अक्सर यात्री गड्ढों के कारण घायल हो जाते हैं।
अंतू थाना क्षेत्र के भदौरी गांव का एक युवक फौज में था। उसकी तैनाती बिहार में थी। वह छुट्टी पर घर आया था। लौटते समय प्लेटफार्म नंबर एक पर गड्ढे में अचानक उसका पैर फंस गया और वह रेलवे ट्रैक पर गिर गया। जौनपुर-रायबेरली इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने के कारण उसका एक हाथ और एक पैर कटकर अलग हो गया था। इन दिनों वह इलाहाबाद में भर्ती है। बीते गुरुवार को मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए एक वृद्ध आया था। प्लेटफार्म पर पहुंचते ही ट्रेन हार्न देने लगी। ट्रेन पकड़ने की जल्दी में वह गड्ढे में फंसकर गिर गया। इससे घायल हो गया। बुधवार को ट्रेन पकड़ने के चक्कर में एक दंपति गड्ढे में फंसकर जख्मी हो गए थे। इस संदर्भ में एडीएन अर्जुन प्रसाद यादव का कहना है कि प्लेटफार्म के मरम्मत की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। गड्ढे के चलते यात्रियों को हो रही दिक्कतों को दूर करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
खतरे से खाली नहीं हैं प्लेटफार्मों के गड्ढे
ट्रेन से फौजी का एक हाथ और एक पैर कटकर अलग हो गया था
प्लेटफार्म के मरम्मत की मंजूरी मिल गई है : एडीएन
अमर उजाला ब्यूरो