एसआईआर प्रक्रिया से तकरीबन 1.25 लाख वोटर मतदाता सूची से बाहर हो जाएंगे। नई मतदाता सूची का प्रकाशन विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद किया जाएगा। 2003 में जारी मतदाता सूची के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया चल रही है।
जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में करीब 25,25,130 वोटरों का नाम मतदाता सूची में है। एसआईआर मतदाता सूची का सत्यापन हो रहा है। एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
नई मतदाता सूची दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद जारी की जाएगी। अभियान के दौरान बीएलओ जब गणना प्रपत्र बांटने जाएंगे और उन्हें कोई ऐसा घर मिलता है जिसमें कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है। मकान में ताला बंद है तो ऐसे मतदाता के घर भी गणना पत्र डाला जाएगा। निर्धारित समय के बाद भी यदि कोई व्यक्ति प्रपत्र जमा नहीं करता है तो उसका नाम सूची से नहीं हटाया जा सकेगा।
गणना प्रपत्र न जमा करने वाले मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एएसडी अर्थात एबसेंट, शिफ्टिेड, डेथ के नाम से बनने वाली पृथक सूची में शामिल किए जाएंगे। इसी सूची में मृतकों, बाहर शिफ्ट होने वालों और कई सालों से अनुपस्थित मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। इसे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। सार्वजनिक सूचना भी जारी करके आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद किसी प्रकार का कोई उत्तर न मिलने पर नाम मतदाता सूची से अलग कर दिया जाएगा।
एक ही मतदाता सूची में होगा नाम
शादी के बाद महिलाओं का नाम ससुराल क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल हो जाता है। कई बार उनका नाम मायके वाले क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल रहता है। एसआईआर प्रक्रिया में ऐसे वोटरों का नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा। उनके वर्तमान निवास स्थान वाले क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल होगा। वहीं, जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग की अपील की है। बावजूद इसके कुछ राजनीतिक दल सहयोग नहीं कर रहे हैं।
बोले अफसर
एसआईआर प्रक्रिया से मतदाता सूची का पूरी तरह से शुद्धिकरण हो जाएगा। वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे। फिलहाल कितने लोगों बाहर होंगे यह एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। - शिव सहाय अवस्थी, जिला निर्वाचन अधिकारी