प्रतापगढ़। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की जमीन बचाने के लिए पोते के आमरण अनशन पर बैठते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम ने पांच सदस्यीय टीम गठित कर मौके का निरीक्षण करने को भेजा। टीम के सदस्यों ने जमीन खोदवाकर देखा, तो पुरानी बाउंड्री के अवशेष मिले हैं। इधर, आमरण अनशन पर बैठे अधिवक्ता के समर्थन में साथी आ गए, न्यायिक कार्य से विरत रहकर चेताया है कि जब तक मामले का निपटारा नहीं होता है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
शहर के रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व: सरदार राम सिंह के पौत्र प्रेमजीत सिंह संधू कचहरी में दो दिन से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। अधिवक्ता प्रेमजीत सिंह का आरोप है कि उनकी पैतृक जमीन पर शहर के भू-माफिया जबरन कब्जा करना चाहते हैं। पिछले दिनों वह पुरानी बाउंड्री पर नई बनाना चाहते थे, तो दबंगों ने बल पूर्वक मना कर दिया। मामला डीएम के पास पहुंचा तो राजस्व टीम भेजकर जांच कराई। जांच में मामला सही मिलने के बाद भी जब बाउंड्री नहीं बनाने की अनुमति मिली, तो पीड़ित आमरण अनशन पर बैठ गए।
मंगलवार को सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई कर रहे डीएम शंभु कुमार और एसपी संतोष कुमार के पास वकीलों का समूह पहुंच गया। डीएम ने एसडीएम सदर सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर मौके पर पुरानी बाउंड्री के अवशेष खोजने को कहा। टीम के सदस्यों ने मंगलवार की शाम मौके पर पहुंचकर खोदवाया, तो पुरानी बाउंड्री के अवशेष मिले हैं। इधर, आमरण अनशन पर बैठे अधिवक्ता का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को अधिवक्ता के पक्ष में बड़ी संख्या में साथी आमरण अनशन स्थल पर जमा रहे।