टाउन एरिया के गठन के बाद प्रशासन की ओर से ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए जारी की नई मतदाता सूची में 12 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बाहर कर दिया गया है। छह सदस्यों को टाउन एरिया में शामिल होने से बाहर होना पड़ा है, जबकि इतने ही सदस्यों को सिर्फ टाउन एरिया की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के चलते मतदान में भाग लेने से वंचित कर दिया गया। एक सदस्य के निधन हो जाने से अब 60 बीडीसी ही ब्लाक प्रमुख के चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे।
लालगंज में चार महीने पहले सत्ता पक्ष के ब्लाक प्रमुख रमेश प्रताप सिंह के खिलाफ भारी बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया था। पद रिक्त होने के चलते निर्वाचन आयोग ने नौ मार्च को प्रमुख पद के लिए मतदान का दिन निर्धारित किया है। पूर्व में हुए प्रमुख के चुनाव व अविश्वास प्रस्ताव में लालगंज ब्लाक के सभी 73 क्षेत्र पंचायत सदस्याें ने हिस्सा लिया था, लेकिन लालगंज टाउन एरिया के गठन के बाद अब दर्जन भर बीडीसी चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। बीडीसी सदस्य पद बने रहने के बाद भी उनका नाम निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन से प्रशासन की ओर से तैयार की गई ब्लाक प्रमुख मतदाता सूची से गायब है।
टाउन एरिया में क्षेत्र शामिल होने के चलते शीतलमऊ की बीडीसी गीता सिंह, शीतलमऊ द्वितीय के केदार, खालसा सादात से सैयद शफीक, अझारा प्रथम की मनोरमा, अझारा द्वितीय की सकीमुन, खानापट्टी के हीरालाल को ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सहभागिता नहीं कर पाने की सूचना मिल गई थी, लेकिन निर्वाचन आयोग की नई गाइड लाइन के बाद जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई ताजा सूची में छह और बीडीसी सदस्यों का नाम काट दिया गया है। पूर्व प्रमुख व असरही के बीडीसी सूबेदार देवेंद्र सिंह, शीतलमऊ तृतीय के अनिल कुमार, संगियापुर की पूनम द्विवेदी, सलेम भदारी के रामअभिलाख, मिश्राइनपुर के ऊषा देवी व देवापुर-कटरा बलीपुर के अरुण शुक्ल का नाम टाउन एरिया में होने के कारण इन्हें चुनाव की मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
प्रशासन का दावा है कि निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुपालन में 12 सदस्यों का नाम हटा दिया गया है। नई सूची सोमवार को चस्पा की गई तो पूर्व प्रमुख देवेंद सिंह समेत सभी छह बीडीसी सदस्यों के होश उड़ गए। उधर अमांवा प्रथम के बीडीसी सदस्य धीरेंद्र सिंह का बीमारी के चलते निधन होने से पद रिक्त हो गया है। इस तरह ब्लाक प्रमुख की चुनावी प्रक्रिया में लालगंज ब्लाक के 13 सदस्य शामिल नही हो पाएंगे। जबकि ब्लाक में कुल बीडीसी सदस्य संख्या 73 है। तेरह बीडीसी सदस्यों के मतदान में शामिल नहीं किए जाने से ब्लाक प्रमुख के दावेदारों में भी खलबली मच गई है।