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भाजपा में टिकट मिलने से पहले ही गुटबाजी

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भाजपा में टिकट मिलने से पहले ही गुटबाजी
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दावेदारों के समर्थन में बन गए कई गुट, चौराहों व गांवों में अपने नेता के लिए बना रहे माहौल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। भारतीय जनता पार्टी में टिकट मिलने से पहले ही गुटबाजी शुरू हो गई है। टिकट के अलग-अलग दावेदारों के समर्थक अपने-अपने नेता के समर्थन में गोलबंद हो गए हैं। अभी से उनके पक्ष में चौराहों और गांव में माहौल बनाया जा रहा है। यही कारण है कि दावेदारों के समर्थन में भाजपाइयों में जबरदस्त गुटबाजी देखने को मिल रही है। यह गुटबाजी कार्यकर्ताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कई पदाधिकारी भी इसमें शामिल हैं। अगर भाजपा यहां से अपना प्रत्याशी उतारती है तो उसे कार्यकर्ताओं को एक साथ लाना भी बड़ी चुनौती होगी।
जिले मेें लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। राजनैतिक दल एक-एक कर अपने-अपने प्रत्याशी उतार रहे हैं। कांग्रेस ने रत्ना सिंह व बसपा- सपा गठबंधन से अशोक त्रिपाठी चुनाव मैदान में है। ऐसे में अब सभी दलों की निगाहें भाजपा प्रत्याशी पर टिकी हैं। भाजपा में टिकट के एक दर्जन से अधिक दावेदारों के बीच जोर-आजमाइश चल रही है। अपना टिकट फाइनल कराने के लिए सभी नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है। मजे की बात यह है कि अभी टिकट भले फाइनल नहीं हुआ हो, लेकिन जिले में कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने अपने-अपने नेता के पक्ष में गोलबंदी तेज कर दी है। दावेदारों के समर्थन में भाजपाई कई गुटों में बंट गए हैं। पदाधिकारी भी इसमे शामिल हैं। सभी अपने-अपने नेताओं के लिए माहौल बनाने में जुटे हैं। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा, सदर तहसील क्षेत्र में गांव-गांव भ्रमण कर, कार्यक्रमों में शामिल होकर सभी अपने-अपने नेताओं का बखान कर रहे हैं। ताकि टिकट मिलने के बाद प्रचार-प्रसार में मशक्कत थोड़ी कम हो जाए और टिकट मिलने के बाद अपनी बात सही ठहराई जा सके।
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इनसेट------------------------
बैठकों एवं जनसभाओं में भी खेमेबाजी
जनसभाओं एवं बैठकों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों में खेमेबाजी साफ दिखती है। जनसभाओं में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी अपने-अपने दावेदारों का पक्ष रखते हैं। बैठकों में भी सभागार में भीड़ तो दिखती है, मगर इनमें कई गुट रहते हैं, जो अपने-अपने दावेदारों की भाषा बोलते हैं।
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