फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भुपियामऊ में विकास कार्यों के जांच के लिए गठित हुई टीम

विज्ञापन
विज्ञापन
भुपियामऊ में विकास कार्यों के जांच के लिए गठित हुई टीम
विज्ञापन

डीएम के आदेश के बाद भी वीडीओ नहीं हुआ निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सदर विकास खंड के भुपियामऊ ग्राम पंचायत में वर्ष 2015 से हुए विकास कार्यो की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी, आरईएस एक्सईएन और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को टीम में शामिल किया गया है। इधर, डीएम के आदेश के बावजूद डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करने के बजाए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम मार्कंडेय शाही 15 मार्च को सदर विकास खंड के भुपियामऊ में बने गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण करने गए थे। गौ संरक्षण केंद्र में चारा-पानी से परेशान गायों को देखकर ग्राम प्रधान आलोक कुमार सिंह को फटकार लगाई और ग्राम पंचायत अधिकारी रंगनाथ शर्मा को निलंबित करने को कहा था। मगर डीपीआरओ ने डीएम के आदेश को दरकिनार करते हुए वीडीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। जबकि प्रधान के खिलाफ जांच के लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड, आरईएस के एक्सईएन और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर वर्ष 2015 से विकास के लिए मिली धनराशि की जांच करने को कहा है। डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि किसी कर्मचारी से बगैर उसका जवाब लिए निलंबित नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन


करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर दबंगों का अवैध निर्माण
एसडीएम के रुकवाया निर्माण कार्य, रात में हुई थी नींव की खुदाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। चिलबिला स्थित महुली मंडी के पीछे स्थानीय दबंगों के करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के खेल पर उस समय ब्रेक लग गया, जब डीएम ने फोनकर एसडीएम से तुरंत काम रोकवाने को कहा। सोमवार की आधी रात को नींव की खुदाई होने और मंगलवार की सुबह 80-90 मजदूरों के साथ निर्माण प्रारंभ होने पर अचानक पहुंची पुलिस ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव की व्यवस्तता और होली के त्योहार का लाभ उठाकर चिलबिला बाजार के एक दबंग व्यक्ति ने करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने की नियत से पक्का निर्माण प्रारंभ कर दिया। लेखपाल की मिलीभगत से सोमवार की रात जेसीबी से नीव की खुदाई कराने और मंगलवार की सुबह 80-90 मजदूरों को लगाकर निर्माण शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने सुबह साढ़े सात बजे डीएम के सीयूजी नंबर पर इसकी सूचना दी। मगर दो घंटे बाद भी कोई पहल नहीं होने पर दूसरी बार फोन लगाकर पूरे वाकया से अवगत कराने के दस मिनट के बाद ही भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। एसडीएम सदर विनीत उपाध्याय ने बताया कि फौरी जांच में यह सामने आया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा था। जल्द ही नाप कराकर आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें