अवैध शराब बिकी तो चौकीदार और प्रधान होंगे जिम्मेदार
पुलिस को देनी होगी अवैध शराब के कारोबार की सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। प्रदेश के कुशीनगर व सहारनपुर समेत अन्य जिलों में जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों से सबक लेते हुए अब पुलिस अफसर अवैध शराब के कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए नई रणनीति बनाने के साथ ही उस पर अमल कराने की तैयारी में जुट गए हैं। जिले में भी अवैध शराब की खपत बड़े पैमाने पर होती है और कुछ इलाकों में कच्ची शराब बनती भी है। अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही कच्ची शराब बनने व बिकने के लिए अब चौकीदार व प्रधानों की जवाबदेही तय होगी।
जिले में कुल 1255 ग्राम पंचायतें हैं। सभी तहसील क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री होती है। कुंडा, सदर और लालगंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में कच्ची शराब की भट्ठियां धधकती रहती हैं। प्रदेश के दूसरे जिलों में लगातार जहरीली शराब पीने से हो रही मौतों को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब नई रणनीति पर अमल करने की तैयारी में है। जिसमें प्रधानों व चौकीदारों की जवाबदेही तय करते हुए थानाध्यक्ष संदेश देंगे कि उनके गांव में यदि कहीं भी कच्ची व जहरीली शराब बनाई जा रही है तो उसकी तत्काल सूचना पुलिस को दें। अन्यथा जहरीली शराब पीने से किसी की भी मौत होती है तो उसके लिए चौकीदार के साथ ही प्रधान की भी जवाबदेही होगी। ऐसे लोगों के विरुद्ध मौन स्वीकृति के आरोप के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अफसरों का मानना है कि गांव की हर गतिविधियों की जानकारी प्रधान को समर्थकों के जरिए मिलती रहती है। ऐसे में पुलिस जिले में हो रहे अवैध शराब के कारोबार को जड़ से समाप्त करने और आरोपियों की धरपकड़ करने की रणनीति तैयार कर चुकी है। सभी चौकीदार व प्रधानों को समझाया जाएगा कि वह अपने इलाके के लोगों को जहरीली शराब से बचाने के लिए पुलिस का सहयोग करें। यदि उनके गांव में कोई भी कच्ची शराब बनाकर बेच रहा है तो उसकी तत्काल सूचना पुलिस को दें ताकि आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके। यदि किसी के गांव में शराब पीने से किसी व्यक्ति की मौत होती है तो इसके लिए चौकीदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और प्रधान की भी जवाबदेही तय होगी। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि अवैध शराब रोकने के लिए ऐसा प्लान तैयार किया गया है। थानेदारों के जरिए सभी चौकीदारों को निर्देश पहले ही दिया जा चुका है। प्रधानों से सहयोग मांगा जा रहा है ताकि ऐसी घटना रोकी जा सके। उम्मीद है कि प्रधानों के जुडने से अवैध शराब के कारोबार की कमर तोडने में पुलिस कामयाब हो सकेगी।
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कई क्षेत्रों में कुटीर उद्योग बन गया है अवैध शराब
जिले के कई क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। जिले के लालगंज, कुंडा, रानीगंज , महेशगंज , देवसरा, जेठवारा और नगर कोतवाली क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। नगर कोतवाली के पूरे खुशई समेत अन्य इलाकों में कच्ची शराब बनाई जाती है लेकिन वहां छापामारी करने की पुलिस की हिम्मत नहीं होती।
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जहरीली शराब पीने से हो चुकी है मौत
जिले में जहरीली शराब पीने से तीन मजदूरों की जान जा चुकी है। सांगीपुर थाना क्षेत्र में कई साल पहले जहरीली शराब पीने से तीन मजदूरों की जान चली गई है। नगर कोतवाली, जेठवारा, लालगंज, महेशगंज व हथिगवां थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने से मौत हुई जरूर लेकिन उस मामले को पुलिस ने रफा-दफा कर दिया। जिससे मौत का कारण स्पष्ट न हो सका। परिवार के लोगों ने भी चुप्पी साध ली।
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आबकारी विभाग की चल रही छापेमारी
अवैध शराब का कारोबार बंद कराने के लिए आबकारी और पुलिस विभाग लगातार छापा भी मार रही है। कच्ची शराब बनाने वालों की धरपकड़ के साथ ही अभी तक 20 कुंतल लहन नष्ट कराया जा चुका है। दस से अधिक शराब की भट्टियां तोड़ी जा चुकी हैं।
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यहां तो अवैध शराब की पकड़ी जा चुकी हैं फैक्ट्री
जिले में अवैध शराब की फैक्ट्रियां पहले पकड़ी जा चुकी हैं। पूर्व एसपी अनंतदेव के नेतृत्व में संग्रामगढ़, महेशगंज, अंतू, जेठवारा में अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी। हाल ही में सांगीपुर व अंतू इलाके में अवैध तरीके से देशी शराब की फैक्ट्री चलती पकड़ी गई थी। जिसके बाद पुलिस ने मजदूरों को दबोच लिया था। शराब तस्करों तक पुलिस के लंबे हाथ नहीं पहुंचे थे।