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नहीं मिली एंबुलेंस, पांच किमी पैदल ठेले पर बीमार पिता को ले गया बेटा
गरीब होते हुए भी आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज का नहीं किया गया इलाज, परिजन परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। स्वतंत्र प्रभार स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावे फेल हो रहे हैं। 15 से 20 मिनट में एंबुलेंस मुहैया कराने का दावा करने वाला स्वास्थ्य विभाग घंटों प्रतीक्षा के बाद भी उपलब्ध नहीं करा पाया। इससे शुक्रवार को एक किसान अपने बीमार पिता को ठेले पर लादकर पांच किमी पैदल चलकर घर ले गया। चिकित्सकों ने उसे प्रयागराज के लिए रेफर किया था।
नगर कोतवाली के सिटी कस्बा निवासी श्रीराम (65) सांस की बीमारी से पीड़ित है। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण श्रीराम का बेटा अमर पांच दिन पहले उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां भर्ती करवाकर इलाज करा रहा था। हालत में सुधार होने के बजाए उसके शरीर में सूजन आने लगी। इससे चिकित्सक परेशान हो गए। उसे प्रयागराज रेफर कर दिया। अमर पैसा न होने के कारण पिता को प्रयागराज ले जाने में असमर्थता जता रहा था। उसका कहना है कि आयुष्मान भारत योजना की पात्रता की सूची में नाम होने के बाद भी उसे इसका लाभ नहीं मिला। किसी तरह अमर पिता को प्रयागराज लेकर जाने के लिए तैयार हो गया तो उसे 108 एंबुलेंस नहीं मिली। इससे वह परेशान हो गया। वह भागकर घर गया और ठेला लेकर आया। पिता को ठेले पर लेटाकर करीब पांच किमी पैदल चलकर वह घर पहुंचा। चिकित्सकों ने न तो एंबुलेंस मुहैया कराई और न ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उसका इलाज कराया।
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किसी मरीज को प्रयागराज इलाज कराने के लिए रेफर किया जाता हेै तो उस पर दबाव नहीं बनाया जाता है। वह जानबूझकर घर चला जाए या फिर इलाज न कराना हो तो किसी को रोका नहीं जा सकता। श्रीराम की हालत गंभीर देखकर उसे प्रयागराज रेफर किया गया था। उसके परिवार के लोग प्रयागराज के बजाए घर जाने के लिए एंबुलेंस की मांग कर रहे थे। हो सकता है इसलिए एंबुलेंस न मिली हो।
डॉक्टर मनोज खत्री, जिला अस्पताल।
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जानकारी मिली है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। यदि आयुष्मान भारत योजना की पात्रता की सूची में उसका नाम है तो उसका इलाज प्रतापगढ़ में ही होगा। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। रही बात एंबुलेंस की तो यदि प्रयागराज ले जाने के लिए नहीं मिली होगी तो कार्रवाई की जाएगी। घर लेकर जाने के लिए एंबुलें किसी को नहीं दी जा सकती है।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।