शासन ने ओवरलोडिंग पर भी भारी जुर्माने का प्रावधान किया है। बावजूद इसके इन दिनों ट्रैक्टरों और ट्रकों से ओवरलोडिंग ढुलाई की जा रही है। भोर में बालू लदे वाहनों की लंबी लाइन लगी रहती है। पुलिस इन पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
हथिगवां थाना क्षेत्र कौशाम्बी के बार्डर से लगा हुआ है। उधर महेवा घाट से आने वाली बालू सीधे जहानाबाद और गंगापुल के बगल से क्षेत्र में लाई जाती है। एक दो नहीं दर्जनों ट्रैक्टरों और ट्रकों से ओवरलोडिंग बालू की ढुलाई की जा रही है। ट्रैक्टरों पर महज 80 फिट बालू लादे जाने का नियम है। रवन्ना पर यह लिखा भी रहता है लेकिन ट्रैक्टरों पर 200 फिट बालू लदी होती है। यही नहीं डंप बालू बेचने वाले तो रवन्ना भी नहीं बनवाते हैं। नियम यह है कि घाट से बालू का रवन्ना 12 घंटे का बनता है। इसके बाद यह स्वयं रद्द मान लिया जाता है। उधर कौशाम्बी के कई घाटों से आने वाले बालू लदे ट्रैक्टर कौशाम्बी जनपद को पार करने में ही 12 घंटे पूरा कर लेते हैं। इसके बाद भी इन ट्रैक्टरों पर कोई निगाह रखने वाला नहीं है। जहानाबाद और गंगा पुल के बगल से हथिगवां थाने में प्रविष्ट होने वाले दर्जनों ट्रैक्टर निर्भीक होकर बालू लादकर लाते हैं।