नरायनपुर की आधार वर्ष खतौनी गायब, चकबंदी कार्यालय में हड़कंप
कई लोगों की गर्दन फंसने की आशंका, बचने के लिए दर्ज कराई गई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
सांगीपुर।
संदिग्ध परिस्थितियों में चकबंदी कार्यालय से नरायनपुर गांव की आधार वर्ष खतौनी गायब हो गई। खोजबीन के बाद भी चकबंदी कर्मियों को कुछ हाथ नहीं लगा। बुधवार देर शाम थाने में खतौनी गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
लालगंज तहसील के राजस्व गांव नरायनपुर काफी दिन से चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत है। चकबंदी वादोें की सुनवाई मंगलवार को लालगंज स्थित चकबंदी न्यायालय व बुधवार को सांगीपुर में होती थी। गांव में काश्तकारों के नए चक भी कट चुके हैं। एक दो माह बाद चकबंदी विभाग द्वारा धारा 52 का प्रकाशन कर चकबंदी प्रक्रिया की समाप्ति की जानी थी। इसी बीच आधार वर्ष खतौनी गांयब होने से चकबंदी कार्यालय में हड़कंप मच गया है। सभी लेखपालों के बस्ते जांच लिए गए, पर कहीं कुछ पता नहीं चल सका। मंगलवार को एक नकल के बाबत खतौनी की खोजबीन की गई तो मामले का खुलासा हुआ। खतौनी गायब होने से कई अधिकारी व कर्मचारी संदेह के घेरे में आ गए हैं। इस मामले में कई लोगों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। लेखपाल से लेकर चकबंदी कार्यालय सांगीपुर के आला अधिकारी परेशान हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। चर्चाओं पर गौर करें तो खतौनी में काफी फ्राड किया गया है, जिसकी वजह से उसे जानबूझ कर गायब कर दिया गया।
इनसेट
लेखपाल ने फंसने की आशंका होने पर दर्ज कराई गुमशुदगी
नरायनपुर गांव की खतौनी गायब होने की पहले एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की गई। सूत्रों द्वारा बताया जाता है कि पुलिस ने तहरीर पढ़ने के बाद मामला अमानत में खयानात का पाया तो लेखपाल भी लपेटे में आने लगा। काफी देर चर्चा के बाद गुमशुदगी की तहरीर दी गई। रात में गुमशुदगी दर्ज की गई।
वर्जन
खतौनी गायब होना गंभीर बात है। हो सकता है कि किसी अन्य लेखपाल के बस्ते में चली गई हो। खोजबीन की जा रही है।
शैलेंद्र द्विवेदी, चकबंदी अधिकारी, सांगीपुर।
वर्जन 2
चकबंदी की खतौनी गायब होना बहुत बड़ा गंभीर मामला है। इसकी जिलाधिकारी द्वारा उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। बड़े फ्र ाड को पचाने के लिए जानबूझ कर खतौनी गायब की गई है।
ज्ञानप्रकाश शुक्ल, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, लालगंज।