प्रताप बहादुर चिकित्सालय के मेडिकल वार्ड में भर्ती डेंगू पीड़ित। संवाद
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जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। मगर स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में डेंगू के लिए बने दस बेड के वार्ड में ताला लटक रहा है। संक्रमित मरीजों को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर इलाज हो रहा है। जबकि 24 घंटे के भीतर जिले में 11 डेंगू पॉजिटिव और केजीएमयू में हुई जांच में दिमागी बुखार (एईएस) बुखार से पीड़ित एक बालक मिला है।
प्रशासनिक लापरवाही की वजह से शहर में जगह-जगह जलभराव है। बरसात का पानी एक जगह रुकने के कारण मलेरिया के साथ ही डेंगू मच्छर पनप रहे हैं। रात तो दूर दिन में भी मच्छर लोगों को डंक मारकर संक्रमित बीमारियां बांट रहे हैं।
जिले में 24 घंटे के भीतर मेडिकल कॉलेज में हुई जांच में 11 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। सांगीपुर के लाखापुर निवासी धर्मराज के बेटे निशांत की जांच के दौरान दिमागी बुखार( एईएस) की पुष्टि हुई। डेंगू पॉजिटिव मरीजों में गड़वारा इलाके की रूबी और सुनीता शामिल हैं। वहीं पट्टी, रानीगंज, लालगंज और कुंडा के संक्रमितों समेत डेंगू के 11 नए मरीज मिले हैं।
शासन के आदेश के बावजूद डेंगू पॉजिटिव मरीजों को अलग वार्ड में रखने के बजाए सामान्य और चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। शहर के बाबागंज निवासी श्रवण का दस वर्षीय बेटा आदर्श कुमार डेंगू पॉजिटिव है। पांच दिनों से उसे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार शासन की गाइडलाइन का ही पालन नहीं कर रहे हैं।
डेंगू पॉजिटिव मरीजों के घरों ही नहीं आसपास भी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यदि सामान्य या चिल्ड्रेन वार्ड में डेंगू के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है तो गलत है। सीएमएस से जवाब मांगा जाएगा। मामले की जांच कराएंगे। जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। डॉ. सीपी शर्मा, एसीएमओ।