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ानी मिला नहीं, मिट्टी में मिल गए करोड़ों रुपये

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पानी मिला नहीं, मिट्टी में मिल गए करोड़ों रुपये
जांच पर जांच ने तोड़ी जलनिगम की कमर, 33 पेयजल इकाइयों में लटक रहा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। गांव के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए स्थापित 33 पेयजल इकाइयों से बूंद भर पानी तो नहीं टपका, मगर करोड़ों रुपये मिट्टी में मिल गए। इस मामले की जांच क्या प्रारंभ हुई कि जलनिगम पर भ्रष्टाचार की मुहर लग गई। इसका परिणाम यह रहा कि अधिकारियों ने अनियमितता की तह में जाने के लिए नए सिरे से सभी परियोजनाओं की जांच शुरू कर दी। इस जांच से जलनिगम इतना प्रभावित हुआ कि उसकी कमर ही टूट गई।
ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए जिले में 144 पेयजल इकाइयों की स्थापना की गई है। इनमें से 26 पेयजल इकाइयां ग्राम पंचायतों के हवाले कर दी गई हैं, जबकि 88 परियोजनाएं जलनिगम की देखरेख में चल रही हैं। जो पेयजल इकाइयां ग्राम पंचायतों के हवाले हैं ,वह तो किसी प्रकार चल रही हैं। मगर जलनिगम की 88 परियोजनाओं का हाल बुरा है। इसमें से 33 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिसमें अभी तक बूंद भर भी पानी नहीं टपका है। जबकि करोड़ों रुपये का भुगतान हो चुका है। इन्हीं परियोजनाओं में सदर विकास खंड के पूरेरायजू है। जिसकी जांच से निकले जिन्न ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता राजेश खरे और दो अवर अभियंता को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इसके बाद प्रारंभ हुआ जांच का अभियान विभागीय अफसरों और कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आलम यह है कि सांसदों और विधायकों ने विभाग को अपनी निधि देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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इनसेट-------
33 परियोजनाओं की फेल हो गई बोरिंग
जलनिगम ने जिन 88 पेयजल इकाइयों की बोरिंग कराई, उसमें से 33 परियोजनाओं की बोरिंग फेल हो गई। इसका परिणाम इन परियोजनाओं से बूंद भी नहीं टपका। इन्हीं परियोजनाओं की जांच शासन स्तर से गठित टीम कर रही है। इससे विभाग के अधिकारी सकते में हैं।

इनसेट--------
जांच के दायरे में शामिल हैं यह परियोजनाएं
जिले के कटकामानापुर, मरगूपुर, बदगवां, ढकवापुर, गधियावां, पूरेवंशी, कोटिया, बीरापुर, बाबूगंज, परसंडा, गहरीचक, भिवनी, भोजपुर, राजापुर, अर्रो, जगदीशपुर, गौसपुर, कैथोला, कुंभी आइमा, ढिंगवस, पुवांसी, पूरेधनी, बसुआपुर, थरिया, जेवई, मकरी, रसोइया, द्वारिकापुर, बिच्छूर, आजादनगर , मलावा जईपुर, मेहदिया, सराय मधई।
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वर्जन-------
शासन स्तर से गठित टीम अनियमितता की जांच कर रही है। जांच टीम ने अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी है। जो रिपोर्ट आएगी, वह सीधे लखनऊ में आएगी और वहां से कार्रवाई के बाद ही कोई जानकारी मिल पाएगी।
आरएस वर्मा, प्रभारी अधिशासी अभियंता, जलनिगम।
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