स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के फरमान की सजा मरीजों को उठानी होगी। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला अस्पताल के वार्डों में जो बदलाव किए जा रहे हैं, उसका असर पर मरीजों के ऊपर पड़ेगा। दरअसल, विभाग ने फिजियोथिरेपी वार्ड में आयुष्मान भारत योजना का कार्यालय शुरू करने का निर्णय लिया है।
जिला अस्पताल में पुरानी इमरजेंसी में फिजियोथिरेपी वार्ड संचालित होता है। आयुष्मान भारत के लिए उसी वार्ड को ओपीडी बनाया जा रहा है। अब फिजियोथिरेपी विभाग ओपीडी कक्ष संख्या 8 में संचालित होगा। जो बेहद छोटा है। वहां पूरे उपकरण तक नहीं आ सकते। मानसिक रोग कक्ष आयुष्मान भारत हेल्प डेस्ट संचालित किया जाएगा। आईसीटीसी काउंसलर कक्ष में डिजिटल एक्सरे कक्ष बनाया जा रहा है। जहां बड़ी मुश्किल से लोग पहुंच सकेंगे।
वहां बैठने वाले काउंसलर को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के तुगलकी फरमान से आने वाले दिनों में मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ेगा। सवाल यह उठता है कि दुर्घटनाग्रस्त मरीज किस तरह पहली मंजिल पर डिजिटल एक्सरे कराने जाएगा। तीमारदारों को भी समस्या का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के अफसरोें के फरमान को लेकर मरीजों को पिसना पड़ेगा।