प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक है। जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में करीब 1,94,055 बच्चे हैं, जबकि शिक्षकों की संख्या तकरीबन 8449 है। विभागीय मानक के अनुसार 1014 अध्यापक अधिक हैं। माना जा रहा है कि इन शिक्षकों को उस जनपद में भेजा जा सकता है, जहां शिक्षकों की कमी है।
बेसिक शिक्षा विभाग में इतने अधिक शिक्षकों की तैनाती हो गई है कि अब वह विभाग के लिए मुसीबत बने हुए हैं। योगी सरकार के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक है। जिले के प्राइमरी स्कूलों में करीब 1,51,402 बच्चों को पढ़ाने के लिए तकरीबन 6282 और मिडिल स्कूलों में लगभग 42,653 बच्चों को पढ़ाने के लिए करीब 2167 अध्यापकों की तैनाती की गई है। विभागीय मानक के अनुसार स्कूलों में 1014 अधिक अध्यापकों की तैनाती की गई है। शिक्षकों की तैनाती का आलम यह है कि शहर के आसपास के स्कूलों में बच्चे तो नहीं है, मगर शिक्षकों की भरभार है। प्राइमरी स्कूल रुपापुर और जोगापुर सहित कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें बच्चों के बराबर शिक्षकों की संख्या है। फिलहाल 1014 शिक्षकों को अब उन जिलों में भेजा जाएगा, जहां अध्यापकों की कमी है। वहीं बीएसए बीएन सिंह का कहना है कि बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक है। इन शिक्षकों को समायोजित करने के लिए अभी तक शासन से निर्देश नहीं मिला है। माना जा रहा है कि इन शिक्षकों को उस जिले में भेजा जाएगा, जहां शिक्षकों की संख्या कम है।
तैनाती का क्या है मानक
जिले प्राइमरी स्कूलों में 60 बच्चों के होने पर दो अध्यापक, 61-90 बच्चों के होने पर तीन अध्यापक, 91-120 बच्चों के होने पर चार शिक्षकों की तैनाती की जाती है, जबकि मिडिल स्कूलों में 01-100 बच्चों पर तीन अध्यापक, 101-150 तक चार अध्यापक और 150-200 बच्चों के होने पर पांच सहायक अध्यापक और एक हेडमास्टर तैनात किया जाता है।
बच्चों के अनुपात में 1014 टीचर अधिक
योगी सरकार के निर्देश पर हुई जांच में हुआ खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो