अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनीता सिंह नागौर ने गैर इरादतन हत्या की दोषी ममता निवासी पिपरी थाना लालगंज, झूमक लाल और उसकी पत्नी अलोकिया निवासी गयासपुर थाना कुंडा को 10 वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वादी मुकदमा राजकुमारी निवासी गयासपुर थाना कुंडा के अनुसार 28 जुलाई 2008 भोर में उसके छह वर्षीय बेटे सुमेंद्र को शौच लगी थी। उसने अपने पुराने घर के बरामदे में ही शौच कर दिया। इस पर बगल के झूमक लाल उसकी पुत्री ममता और बाबूलाल की पत्नी झनकी ने एतराज किया। राजकुमारी ने उसे साफ करने का आश्वासन दिया और नए घर के बगल हैंडपंप पर बर्तन धोने चली गई। वहां पहुंची ममता व झनकी से दोबारा कहासुनी होने लगी। शोर सुनकर उसके पति बृजलाल भी वहां आ गए। ममता, झनकी, झूमक लाल व झूमकलाल की पत्नी आलोकिया ने बृजलाल को लात घूसों से मारा पीटा। जिससे उनको गंभीर चोटें आईं और वह गिर पड़े। उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मुकदमा के विचारण के दौरान अभियुक्त झनकी की मौत हो गई। राज्य की ओर से मामले की पैरवी एडीजीसी रविंद्र बहादुर सिंह ने की।