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केंद्रीय बजट से संवरेंगे नगर पालिका के 10 नए वार्ड

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नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद बने दस नए वार्डों के लोगों को मूलभूत सुविधाएं केंद्रीय बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। यहां सड़कों व गलियों को जगमग करने के साथ ही लोगों को पेयजल की सुविधाएं पहले दौर में मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने बजट जारी किया है।
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मगर गाइडलाइन पूरा करने के बाद ही दुबारा बजट आवंटित किया जाएगा। केंद्र से मिली धनराशि को खर्च करने के लिए नगर पालिका की टीम मसौदा तैयार करने में जुटी हुई है।
नगर पालिका की सीमा विस्तार कई सालों से लटका हुआ था। इसके लिए नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक से दो बार प्रस्ताव भेजा जा चुका था लेकिन शासन ने मंजूरी नहीं दी थी।
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हालांकि पिछले साल प्रदेश सरकार ने सीमा विस्तार को मंजूरी दे दिया था। जिसके सदर विकासखंड के 10 ग्राम पंचायतों को पूण तो 9 गांवों का आंशिक हिस्सा नगर पालिका में शामिल कर लिया गया। पहले नगर पालिका में केवल 25 वार्ड और आबादी 76 हजार थी। सीमा विस्तार के बाद आबादी बढ़कर 1,14,254 और पालिका के वार्डों की संख्या 35 हो गई।
गांवों को शहर का हिस्सा बनाने के बाद सरकार से विकास कार्यों के लिए बजट नहीं मिल रहा था। जिसके चलते उन इलाकों का विकास नहीं हो पा रहा था। अब इन इलाकों के विकास की सुध केंद्र सरकार ने लिया है। इसके लिए केंद्रीय बजट नगर पालिका को आवंटित करते हुए गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमे कहा गया है कि गाइडलाइन के हिसाब से विकास कार्यों का खाका तैयार कर प्रस्ताव भेजा जाए।
बजट गाइडलाइन के अनुरूप खर्च करने पर ही विकास कार्यों के लिए धनराशि की कमी नहीं होने पाएगी। केंद्रीय बजट मिलने के बाद नगर पालिका के जिम्मेदार नए शहरियों की सुविधाओं को पूरा करने के लिए कवायद करने लगे हैं। सबसे पहले उन इलाकों में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। इसके बाद पानी की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। दस नए वार्डों की 38 हजार आबादी को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अब नगर पालिका नए सिरे से प्रस्ताव तैयार करने लगी है।
पिछड़े इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता
नगर पालिका में शामिल पिछड़े इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। शहरी क्षेत्र में शामिल गांव के उन हिस्सों को तीन श्रेणी में विभाजित कर विकास कार्य कराने पर नगर पालिका विचार विमर्श कर रही है। सबसे पहले शहर के आसपास वाले इलाकों में पानी आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जबकि प्रकाश की व्यवस्था सभी वार्डों में एक समान रूप से होगी।
राज्यवित्त से बनाई जाएंगी सड़कें
शहरी क्षेत्र में शामिल दस वार्डों के पिछड़ेपन को दूर कर शहर जैसा बनाने के लिए नगर पालिका के जिम्मेदार प्रदेश सरकार से मिलने वाला बजट भी खर्च करेंगे। राज्यवित्त से मिलने वाला बजट पक्की सड़कों के साथ ही साफ-सफाई पर खर्च किया जाएगा।
केंद्र सरकार से बजट मिला है। केंद्रीय बजट से मिली धनराशि खर्च करने के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है। इस गाइडलाइन के इतर कुछ नहीं किया जा सकता। केंद्रीय बजट का सदुपयोग नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। ताकि केंद्र सरकार से मिलनी वाली ग्रांट समय-समय पर मिलती रहे।
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मुदित सिंह, ईओ नगर पालिका
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