उत्तर प्रदेश में आरक्षण की नई व्यवस्था को फिर से बहाल करने की मांग लेकर मंगलवार को सीएम आवास जा रहे छात्रों पर पुलिस ने राजभवन के पास लाठियां भांजी।
इससे गुस्साए छात्र सड़क पर लेट गए और उग्र होने लगे। बाद में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मान मनुहार कर उन्हें विधानभवन के सामने धरनास्थल ले गए।
हालांकि पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने लाठियां चलाने की बात से इन्कार किया है। उधर, छात्रों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर 24 घंटे में सीएम ने उनसे मुलाकात नहीं की तो वे राज्यभर में आंदोलन करेंगे।
अधिकारियों ने उन्हें मुलाकात का आश्वासन दिया है। राज्य के कई मंत्री और प्रभावशाली लोग भी छात्रों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने के प्रयास में लगे हैं।
आरक्षण समर्थक छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस व प्रशासन के पास खबर थी कि बड़ी संख्या में छात्र गंगा गोमती ट्रेन से करीब दस बजे लखनऊ पहुंच रहे हैं। लेकिन छात्रों का एक बड़ा गुट सोमवार को देर रात ही लखनऊ पहुंच गया।
अधिकारी तैयार होकर धरनास्थल पहुंचते इससे पहले छात्रों का यह दल सुबह करीब सवा आठ बजे समाजवादी पार्टी कार्यालय की तरफ रवाना हो गया। इसकी भनक अधिकारियों को लगी तो आनन फानन में उन्होंने फोर्स भेज दिया।
इलाहाबाद विवि के अध्यक्ष दिनेश यादव के मुताबिक राजभवन और पीडब्ल्यूडी भवन के बीच पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया और उन पर लाठियां भांजी। इस बीच एडीएम सिटी पूर्वी आरपी सिंह, एसपी पूर्वी राजेश कुमार व अन्य अधिकारी दलबल के साथ वहां पहुंच गए।
अधिकारियों ने काफी मशक्कत कर छात्रों को मनाया। इसके बाद एहतियात के तौर पर मुख्यमंत्री आवास, समाजवादी पार्टी कार्यालय, एनेक्सी और धरनास्थल के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
छात्रों ने आरक्षण की नई व्यवस्था को फिर से लागू करने और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार यादव को पद पर बरकरार रखने की मांग रखते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों के समर्थन में अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल भी धरनास्थल पर पहुंच गईं।