सत्ता परिवर्तन के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर संकट के बादल छा गए हैं। 34 सदस्यों वाली इस जिला पंचायत में वार्ड संख्या-28 की जिला पंचायत सदस्य शोभना कुमारी ने 19 जिला पंचायत सदस्यों का शपथ पत्र डीएम को सौंप अध्यक्ष आरती महेंद्र के प्रति अविश्वास व्यक्त करते हुए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया अपनाने की मांग की। डीएम ने जिपं सदस्यों के शपथ पत्र पर दिए गए अविश्वास प्रस्ताव संबंधी नोटिस की डीपीआरओ से जांच करा आख्या मांगी है। खास बात यह है कि अध्यक्ष पद की इस लड़ाई में भाजपा संगठन के पदाधिकारी और उसके विधायक प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं दिखाई दिए।
सपा शासनकाल के दौरान हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में पूरनपुर के तत्कालीन सपा विधायक पीतमराम की पुत्रवधू आरती महेंद्र जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं थीं। विधानसभा चुनाव में सपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए रत्नेश गंगवार सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद अपनी भाभी एवं वार्ड 28 से जिपं सदस्य निर्वाचित हुईं शोभना कुमारी को जिपं अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। उन्होंने इसके लिए भाजपा नेताओं की भी खासी प्रक्रिया की, लेकिन कोई खास रिसपांस न मिलने पर उन्होंने मेनका समर्थक एवं जिपं सदस्य देवेंद्र सिंह टोनी का सहारा लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति बना ली। खासे प्रयास के बाद वह 19 जिपं सदस्यों के शपथ पत्र भी अविश्वास प्रस्ताव के लिए तैयार करवाने में भी कामयाब हो गए। सोमवार को रत्नेश गंगवार की भाभी शोभना कुमारी ने अपनी अगुवाई में कई जिपं सदस्यों के साथ 19 जिपं सदस्यों के शपथ पत्र समेत अध्यक्ष आरती महेंद्र के प्रति अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया अपनाने संबंधी पत्र (नोटिस) डीएम मासूम अली सरवर के समक्ष पेश किया। जिपं सदस्य देवेंद्र सिंह टोनी ने दावा किया कि अविश्वास प्रस्ताव के प्रस्तुत करने के दौरान शपथ पत्र देने वाले सभी 19 सदस्य मौजूद रहे।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 19 सदस्यों के शपथपत्र अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस के साथ मुझे उपलब्ध कराया गया है। डीपीआरओ को नियमानुसार उसकी जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कह दिया गया है। आवश्यकता हुई तो शपथपत्र प्रस्तुत करने वाले सदस्यों की परेड भी कराई जाएगी। सभी प्रक्रिया विधि सम्मत ढंग से अपनाई जाएगी।
- मासूम अली सरवर, जिलाधिकारी
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जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र के खिलाफ प्रस्तुत किए गए अविश्वास प्रस्ताव से भाजपा का कोई वास्ता नहीं है। क्योंकि पार्टी हाईकमान की ओर से अभी इस संबंध में कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए है।
- सुरेश गंगवार, जिलाध्यक्ष भाजपा
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इन जिपं सदस्यों के हैं शपथ पत्र
जिपं सदस्य देवेंद्र सिंह टोनी, रुचि, ऋषिपाल सिंह, राम औतार, गरजीत सिंह, मंजीत सिंह, गुरदेव सिंह, अर्चना वर्मा, मोहम्मद अकरम, तुलसी उर्फ शबनम, निशा यादव, मचला देवी, सुरेश कुमार वर्मा, मिथिलेश, भूपराम उर्फ भवानी प्रसाद, आशा, शोभना कुमारी, असलम जावेद।
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अधिकांश जिपं सदस्यों को गुमराह कर शपथपत्र तैयार करवाए गए हैं। ज्यादातर सदस्य मेरे साथ है। दस्तावेजों की जांच और प्रशासन की पड़ताल से स्थिति साफ हो जाएगी।
आरती महेंद्र, जिपं अध्यक्ष
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अविश्वास प्रस्ताव के ये दर्शाए कारण
19 जिपं सदस्यों की ओर से जिपं अध्यक्ष के खिलाफ सोमवार को जो अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया उसमें 13 कारण दर्शाए गए हैं। जिसमें अध्यक्ष पर बैठक कार्यवाही मनमाने ढंग से कर जिला पंचायत संचालन नियमावली 1962 का उल्लंघन करने, बैठक की कार्यवाही उसी समय मुख्य अधिकारी अथवा अपर मुख्य अधिकारी द्वारा न लिखने, बैठक में पारित संकल्प की प्रति आयुक्त महोदय व डीएम को न भेजने, राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का भारी दुरुपयोग करने, विकास कार्य गुणवत्तायुक्त न कराने, कमीशन लेकर विकास कार्य कराने, जिपं अध्यक्ष के चिकित्सक पति द्वारा लालबत्ती का दुरुपयोग करने व तमाम ठेके बिना सदस्यों को विश्वास में लिए नीलाम करने आदि के आरोप लगाए गए हैं।