फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला जिला पंचायत सदस्यों के बजाए उनके पति पहुंचे तो बैठक में हो गया हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में महिला सदस्यों के बजाय उनके पतियों और संबंधियों के पहुंचने पर जमकर हंगामा हुआ। भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। कुछ मीडिया कर्मियों से भी बदसलूकी की गई। एक महिला सदस्य की जगह बैठक में भाग लेने पहुंचे उसके एक रिश्तेदार शिक्षामित्र ने तो अफसरों के सामने अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं। मारपीट की नौबत आई तो सदस्यों ने बैठक भंग कर दी। लिहाजा कोई भी प्रस्ताव पास नहीं हो सका। स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई तो जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र, सीडीओ रमेशचंद्र पांडेय, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार आदि सदन से उठकर चले गए।
विज्ञापन

शनिवार को कलक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक सुबह करीब पौने बारह बजे जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक में महिला जिला पंचायत सदस्यों के बजाय उनके पतियों और संबंधियों के पहुंचने पर विरोध की सुगबुगाहट बैठक शुरू होने से पहले ही होने लगी थी। सीडीओ रमेश चंद्र के पहुंचने पर अपर मुख्य अधिकारी जागन सिंह ने जैसे ही प्रस्तावों पर चर्चा शुरू कराई, तभी महिला सदस्यों की जगह आए उनके पतियों ने अफसरों से सवाल पूछने शुरू कर दिए। इस पर कुछ सदस्यों ने ऐतराज जताया। एक सदस्य ने अफसरों के सामने ही बैठक में पहुंचे महिला सदस्यों के पतियों और उनके संबंधियों के विषय में जानकारी लेनी चाही तो मामला और तूल पकड़ गया। जिला पंचायत सदस्य निशा यादव के पति शिक्षामित्र महेश यादव और सदस्य विनीता देवी के पति रविंद्र गंगवार ने अफसरों के सामने ही अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं। कुछ सदस्यों ने मामला शांत करने के लिए हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो ये दोनों उनसे भी उलझ पड़े। कवरेज को पहुंचे मीडिया कमियों की उपस्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए। इसको लेकर भी हंगामा हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र, सीडीओ रमेशचंद्र पांडे, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार आदि के सामने ही कुछ सदस्यों और महिला सदस्यों के संबंधियों में मारपीट की नौबत आ गई। अफसरों को भी अपशब्द कहे जाने लगे। इससे सदन में भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। इसे देख अफसर सहम गए। उन्होंने सदन छोड़ने में ही अपनी भलाई समझी। बैठक भंग करने के कारण प्रस्तावों पर ठीक से चर्चा भी नहीं हो सकी।
सिर्फ आधा घंटे चली बैठक, सदस्य प्रस्ताव भी नहीं दे सके
दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई बैठक महज आधा घंटे में हंगामे के कारण भंग हो गई। अमरिया के जिला पंचायत सदस्य असलम जावेद अंसारी, पूरनपुर के मंजीत सिंह, गुरजीत सिंह मल्ली, अमरिया की तुलसी शबनम, रियाज खान, बीसलपुर के रामप्रताप गंगवार आदि ने बैठक में पहुंचे अफसरों से अपने वार्ड से संबंधित किसानों आदि की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। सड़क, नाला, पुलिया निर्माण को लेकर सवाल किए। इसके कुछ देर बाद ही जिला पंचायत सदस्यों के पतियों ने हंगामा कर सदन की कार्रवाई भंग करा दी।
विज्ञापन


टअफसरों ने साधी चुप्पी, नहीं दे सके जवाब
नियमानुसार जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सिर्फ जिला पंचायत सदस्य ही अपनी बात रख सकते हैं, उनको ही बैठक में शामिल होने की अनुमति होती है, लेकिन शनिवार को हुई बोर्ड की बैठक में कई सदस्यों ने नियम कानून ताक पर रखकर सदन की गरिमा की जमकर धज्जियां उड़ाईं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र के भाई गिरीश कुमार, सदस्य विनीता यादव के पति रविंद्र कुमार, निशा यादव के पति महेश यादव, मछला देवी के पति गोपाल आदि पहुंचे थे। गिरीश पलिया में सहायक अध्यापक और महेश बिलसंडा ब्लॉक में शिक्षामित्र हैं। दोनों की स्कूल समय में बैठक में मौजूदगी पर कई सदस्यों ने अधिकारियों से सवाल किए, लेकिन वे चुप्पी साधे रहे।

प्रशासन ने दिए पतियों पर शिकंजा कसने के संकेत
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में महिला सदस्यों की जगह उनके पतियों और संबंधियों की उपस्थिति पर प्रशासन ने सख्ती के संकेत दिए हैं। आला अफसरों तक बैठक स्थगित होने का मामला पहुंच गया है। लिहाजा प्रशासन महिला सदस्यों के पतियों और संबंधियों पर शिकंजा कसने के मूड में है। इधर, शिक्षा विभाग के अफसरों ने भी बैठक में शिक्षामित्र और शिक्षक के पहुंचने का मामला संज्ञान में आने पर जांच की बात कही है। ऐसे में बिलसंडा में तैनात शिक्षामित्र महेश यादव पर कार्रवाई तय है। इसके अलावा सदस्य पतियों की बैठक में उपस्थिति को लेकर भी प्रशासन एएमए जागन सिंह से जवाब तलब कर सकता है।

विधायक के प्रस्तावों पर नहीं लग सकी मुहर
शहर विधायक संजय गंगवार के 24 प्रस्तावों को मंजूरी देने की बात जब एएमए ने कही तो बैठक में सदस्यों ने इसका विरोध कर दिया। कहा जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के दबाव में काम कर रहा है। जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं और विधायकों के प्रस्तावों को आसानी से मंजूरी मिल जाती है। सदस्यों के विरोध पर एएमए ने शहर विधायक के प्रस्ताव हटा देने की बात कही। इसके बाद सदस्य शांत हो गए।

जिपं अध्यक्ष को भी नहीं पता नियम
जिपं अध्यक्ष आरती महेंद्र भी बोर्ड की बैठक के नियमों की जानकारी से अंजान दिखीं। मीडिया कर्मियों ने बोर्ड बैठक में सदस्य पतियों की एंट्री के बारे में पूछा तो वह सकपका गईं। पहले सिर्फ पतियों के साथ आने की बात कही। बाद में अपने बयान से मुकर गईं। कहा, बैठक में महिला सदस्य के पति उपस्थित रह सकते हैं और अपने वार्ड से संबंधित समस्याओं को रख सकते हैं, लेकिन फिर कहने लगीं वैसे ऐसा कोई नियम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें