पीलीभीत। पीटीआर में जलीय जैव विविधता के साथ जलीय जीवों के संरक्षण और संवर्धन के बारे में अब अध्ययन किया जाएगा। इसमें बंगाल, जम्मू और नेपाल के अलावा अन्य कई स्थानों के युवा भाग लेंगे। एमथ्रीएम संस्था के सहयोग से पीटीआर में पहली बार स्कूल इन एक्वेटिक वाइल्ड लाइफ बायोलॉजी एंड कंजर्वेशन का आयोजन किया जा रहा है। चार नवंबर से छह दिन तक अध्ययन की प्रक्रिया चलेगी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन और वन्यजीवों के साथ पर्यटन की दिशा में बेहतर कार्य करने के लिए पूर्व में एमथ्रीएम संस्था आगे आई थी। पीटीआर के साथ तीन साल के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए तमाम कार्ययोजना बनाई गईं।
इसमें पीटीआर की पहचान बढ़ाने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने पर भी जोर दिया गया। जिसे स्कूल इन एक्वेटिक वाइल्ड लाइफ बायोलॉजल एंड कंजर्वेशन के नाम से आयोजित करने की तैयारी शुरू की। इस कार्यक्रम में नेपाल से छह युवाओं के अलावा पश्चिमी बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार समेत देश के अन्य राज्यों के युवा शामिल होंगे। जो पीटीआर में जैव विविधता के बारे में करीब से जानने के साथ अध्ययन करेंगे।
चार नवंबर से छह दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में वन और वन्यजीवों के बारे में बेहतर जानकारी रखने वाले होनहार युवाओं को ही शामिल किया जाएगा। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पीटीआर में एमथ्रीएम संस्था के सहयोग से चार नवंबर से छह दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।