पूरनपुर। नेपाल सीमा के गांव टाटरगंज के गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी समर्पित गुरमत समागम मनाया। समारोह में कई लोगों को अमृतपान कराया गया। इसके साथ ही धर्म परिवर्तन करने वाले 25 परिवारों ने शपथ पत्र देकर स्वेच्छा से घर वापसी की। घर वापसी करने वालों का विवरण डीएम को भेजा जाएगा। शीघ्र ही अन्य लोगों की भी घर वापसी कराई जाएगी।
समारोह में ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने गुरुतेग बहादुर के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। क्षेत्र में धर्म परिवर्तन को लेकर काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष हरपाल सिंह राणा ने कहा कि प्रशासन की सख्ती और सजगता से धर्मांतरण पर रोक लगी है। समारोह में लोगों को अमृत संचार कराया गया। उन्होंने कहा कि बगैर डीएम को सूचना दिए कोई भी धर्म परिवर्तन नहीं कर सकता। जागरूकता से लोगों ने स्वेच्छा से घर वापसी की है। जिलाध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा कि क्षेत्र में धर्मांतरण का मूल कारण जात-पांत, भेदभाव, निर्धनता, शारदा नदी की बाढ़, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, सरकारी योजनाओं का लोगों तक न पहुंचना रहा है। प्रदेश महासचिव जगतार सिंह ने कहा कि क्षेत्र में अधिकतर राय सिख समाज है, जो अनुसूचित जाति में आते हैं। हरियाणा और पंजाब की तरह यूपी में भी उनको भी अनुसूचित जाति का दर्जा मिलना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने क्षेत्र में आकर कई घोषणाएं की थीं, लेकिन योजनाओं को धरातल पर अब नहीं लाया गया है। समागम में छिंदरपाल सिंह, सतनाम सिंह, अमरीक सिंह आदि ने विचार रखे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि सोमवार को हुए समारोह में 25 परिवारों ने स्वेच्छा से घर वापसी की है। शीघ्र ही अन्य लोगों की भी घर वापसी कराई जाएगी।
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