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Pilibhit News: अकेलापन, खुद को नुकसान पहुंचाने का आए विचार तो डॉक्टर से लें सलाह

Sat, 03 Jan 2026 12:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। अगर आपके मन में खुद को नुकसान पहुंचाने का विचार आता है। खुद को उपेक्षित महसूस करना और अकेले रहने का मन करे तो इसे गंभीरता से लें। यह कोई आम समस्या नहीं, बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर (मनोविकार) है। समय पर काउंसिलिंग और इलाज न होने पर यह गंभीर समस्या बन सकता है। बीमारी से ग्रसित आठ से 10 मरीज प्रतिमाह जिला अस्पताल के मानसिक चिकित्सा विभाग में पहुंच रहे हैं। मनोचिकित्सक काउंसिलिंग के साथ मरीजाें का इलाज कर रहे हैं।
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जिला अस्पताल के मानसिक चिकित्सा विभाग के क्लीनिकल साइक्लॉजिस्ट सचिन कुमार के अनुसार बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर एक मानसिक समस्या है। वर्तमान समय में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। खासकर युवा वर्ग इस समस्या की चपेट में ज्यादा आ रहा है। इनमें भी महिलाओं की संख्या अधिक रहती है। उन्होंने बताया कि इसके कई कारण हो सकते हैं। इनमें वंशानुगत, बचपन का आघात, शारीरिक या यौन शोषण आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि काउंसिलिंग के साथ ही दवाओं के जरिए इसका इलाज संभव है। इस समस्या के कारणों का पता लगाकर उपचार किया जाता है। प्रतिमाह आठ से 10 मरीज इस समस्या के आ रहे हैं। इलाज के बाद ठीक भी हो रहे हैं।

ये लक्षण दिखें तो चिकित्सक से सलाह लें
- मनोदशा में उतार-चढ़ाव। जल्दी गुस्सा आना।
- घरेलू सामान तोड़ना। खुद को नुकसान पहुंचाना।

- आत्महत्या की धमकी देना। ऐसा भाव दिखना जैसे कि वह जीना नहीं चाहता है।
- बहुत ज्यादा अकेलापन महसूस करना। अकेले रह जाने का डर लगा रहना।
- रिश्तों में अस्थिरता, बार-बार योजनाएं बदलना आदि ।
केस-एक : शहर की ही 25 वर्षीय महिला घबराहट और नींद न आने की समस्या से परेशान थी। रोने का मन करता था। अकेलापन भी लगता था। उसने मानसिक रोग विभाग में पहुंचकर अपनी समस्या बताई। काउंसिलिंग में वह बार्डरलाइन पर्सनालिटी डिसआर्डर की समस्या से ग्रसित मिली। उसका इलाज चल रहा है।
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केस-दो : मानसिक रोग विभाग में पहुंचे 33 वर्षीय व्यक्ति अपने परिजनों को आत्महत्या करने की धमकी देते थे। घर छोड़कर जाने की बात कहते और मारपीट पर भी उतारू हो जाते थे। चिकित्सकों ने समस्या का पता लगाकर उनका इलाज शुरू किया।
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