शहर के मोहल्ला डोरीलाल (टांडा हाउस) निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक गजेंद्र सिंह के सबसे छोटे पुत्र अनुराग ने करीब छह वर्ष पूर्व दिल्ली की लालबहादुर शास्त्री यूनिवर्सिटी से एमबीए की शिक्षा प्राप्त की और एक कंपनी में जॉब किया, लेकिन उन्हें यह रास नहीं आया। जॉब छोड़ उन्होंने दिल्ली की एक संस्था से योग की शिक्षा ली। इस दौरान चीन की संस्था ने योग की शिक्षा के लिए उन्हें चयनित कर लिया। करीब तीन साल से वह चीन के गोंजू में रहकर संस्था के केंद्रों में योग की शिक्षा दे रहे हैं। 11 जून को अपनी शादी के लिए वह पीलीभीत आए थे। इस बीच अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा होने के बाद उन्हें चीन से कॉल आ गई और वह तीन दिन पूर्व चीन रवाना हो गए। अनुराग के बड़े भाई अतुल सिंह ने बताया कि अनुराग ने योग को अपना लक्ष्य बना लिया है और चीन में उसके कार्य को काफी सराहना भी मिल रही है।
भारतवंशी संगीता को भाया माटी का अनुराग
पांच पीढ़ी पूर्व भारत छोड़कर चीन में बसे एक परिवार के सदस्यों को पीलीभीत के अनुराग ने काफी प्रभावित किया और परिवार ने अपनी बेटी संगीता का हाथ अनुराग को सौंपने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने अनुराग के घर वालों से सहमति ली और दोनों की शादी का निर्णय लिया। चीन में कोर्ट से शादी के बाद अनुराग पीलीभीत आए और यहां भारतीय रीति रिवाज के साथ उन्होंने संगीता के साथ सात फेरे लिए और बुधवार को दोनों वापस चीन रवाना हो गए।