पीलीभीत। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पड़ने वाले माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर रात के समय आवागमन बंद हो सकता है। वजह यह है कि बाघ समेत अन्य वन्यजीव रात में सड़कों पर आने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में वन्यजीवों की जान को खतरा भी है। वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टि से टाइगर रिजर्व प्रशासन माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर रात्रि के समय आवागमन पर प्रतिबंध लगाने पर मंथन कर रहा है।
टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में पडने वाले पूरनपुर-पीलीभीत, पीलीभीत-माधोटांडा और माधोटांडा खटीमा मार्ग पर बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के गुजर रहे वाहनों के आगे आने के मामले अकसर देखे जा रहे हैं। वन्यजीवों की सबसे ज्यादा चहलकदमी महोफ रेंज में पडने वाले माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर रहती है। इस मार्ग पर रात को वाहनों की भी आवाजाही जारी रहती है। ऐसे में रात्रि में सड़कों पर आने वाने वन्यजीवों की जान को तो खतरा है ही, गुजर रहे लोगों पर भी खतरा मंडराता रहता है।
इधर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर माधोटांडा-खटीमा मार्ग के संवेदनशील क्षेत्र से वाहनों के आवागमन पर रात्रि में आवागमन पर प्रतिबंध लगाने को लेकर मंथन शुरू किया है। अफसरों के मुताबिक चूका गेट से सुरई रेंज बॉर्डर तक घना जंगल है और इसी क्षेत्र में वन्यजीवों की चहलकदमी ज्यादा देखी जाती है। इस मामले में स्थानीय स्तर पर मंथन के साथ ही अधिकारी अब उच्चाधिकारियों के सामने भी सुरक्षात्मक प्रस्ताव देने की तैयारी कर रहे हैं।
माधोटांडा-खटीमा रोड पर चूका गेट से आगे वन्यजीव सड़क पर आ रहे हैं। इससे उनकी जान को खतरा रहता है। इसको दृष्टिगत रखते हुए इस रूट पर रात्रि के समय वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की तैयारी चल रही है। चर्चा कर समय और स्थान का चयन होना है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व