पीलीभीत/बिलसंडा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंंडा पर लगी एक्स-रे मशीन पिछले दो सालों से ताले में बंद है। मरीजों को एक्स-रे के लिए बीसलपुर व पीलीभीत की दौड़ लगानी पड़ती है। सबसे ज्यादा दिक्कत गंभीर मरीजों को होती है। मरीजों की दिक्कत से जिम्मेदार बेपरवाह हैं।
बिलसंडा ब्लॉक में करीब 100 गांव आते हैं। इसके अलावा नगर की आबादी भी इस सीएचसी पर निर्भर है। करीब एक लाख से ज्यादा की आबादी यहां उपचार को पहुंचती है। क्षेत्रीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए सीएचसी में एक्स-रे मशीन भी लगवाई। मगर पिछले दो सालों से एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्त न होने से यह मशीन ताले में ही बंद है। यहां पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक देख तो लेते है, लेकिन एक्स-रे न होने से उनका उपचार नहीं कर पाते। हाल यह है कि चिकित्सक स्वयं ही निजी एक्स-रे की दुकान पर जाने की सलाह देते है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर मरीज बीसलपुर-पीलीभीत के जिला अस्पताल में पहुंचकर चक्कर काटते है। इससे उनके समय और रुपयों का भी नुकसान हो रहा है।
एक्स-रे मशीन का संचालन न होने बाहरी लोगों की चांदी
सीएचसी पर लगी एक्स-रे मशीन का संचालन न होने से यहां के मरीज निजी केंद्रों पर पहुंचते है। वहां टेक्नीशियन उनकी मजबूरी का फायदा उठाते है। इसमें कमीशनबाजी का खेल भी चलता है।
एक्स-रे मशीन का संचालन न होने से मरीजों को काफी लंबा सफर तय करना होता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को काफी समस्याएं होती है।- रजत शर्मा।
विभाग ने दो सालों में यहां पर टेक्नीशियन नियुक्त नहीं किया है। ऐसे में मशीन न चलने से यह भी खराब हो रही है। विभाग को इसका संचालन करना चाहिए।-गोलू जायसवाल
टेक्नीशियन न होने से मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही इसका संचालन करा दिया जाएगा।- आलमगीर, सीएचसी अधीक्षक।
बिलसंडा सीएचसी में बंद पड़ा एक्सरे कक्ष।संवाद
बिलसंडा सीएचसी में बंद पड़ा एक्सरे कक्ष।संवाद