प्रदेश सरकार ने तीन माह पूर्व एक ही दिन में पूरे प्रदेश में पांच करोड़ पौधे रोपित कर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया था, लेकिन अब इन पौधों को देखरेख करने को सरकार के पास बजट का रोड़ा खड़ा हो गया है। प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक ने पौधरोपण की सुरक्षा को रखे गए दैनिक वेतनभोगी सुरक्षा वाचर व नर्सरी माली को हटाने के आदेश दिए हैं। अब इस पौधरोपण की जिम्मेदारी वन रक्षक एवं नियमित माली के कंधों पर डाली गई है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 11 जुलाई को प्रदेश भर में एक ही दिन में पांच करोड़ पौधे रोपित कराकर विश्व रिकार्ड बनाया था। इसको लेकर जिले में करीब साढ़े तीन लाख पौधे रोपे गए थे। यह दीगर बात थी कि पौधरोपण के दौरान सामाजिक वानिकी में तो पारदर्शिता दिखाई दी, लेकिन टाइगर रिजर्व में पौधरोपण के नाम पर कई रेंजों में बड़े पैमाने पर गडबडिय़ां हुईं। विश्व रिकार्ड बनाने के चलते स्थलीय सत्यापन करने वाली टीमों ने भी लक्ष्य को सही बताते हुए अपनी रिपोर्ट दे दी थी। जिले में इस वृहद पौधरोपण को सुरक्षित रखने को दैनिक वेतन पर करीब 70 सुरक्षा वाचर व माली रखे गए थे, ताकि पौधों को सुरक्षित रखकर वल्र्ड रिकार्ड की छवि को बरकरार रखा जा सके। इधर समय बीतने के साथ बनाया गया विश्व रिकार्ड अब खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।
प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक के आदेश के बाद वन संरक्षक व क्षेत्रीय निदेशक सामाजिक वानिकी बरेली वृत ने जनपद के सामाजिक वानिकी निदेशक व टाइगर रिजर्व के वनाधिकारी को पत्र भेजकर पौधरोपण की सुरक्षा को रखे गए दैनिक वेतनभोगी सुरक्षा वाचर व माली को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में कहा गया कि जब तक उक्त प्रकार के श्रमिकों को सेवा प्रदाता के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं हो पाती, तब तक पौधरोपण का रख रखाव व सुरक्षा के कार्य वन रक्षक एवं नियमित माली से कराया जाएगा। जिसके बाद प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने सभी वन क्षेत्राधिकारियों को उक्त आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के जिम्मेदार सूत्र अब यह भी कहते दिख रहे हैं कि पांच करोड़ के लक्ष्य की प्रदेश में यदि बेहतर ढंग से सुरक्षा नहीं हुई तो बनाया गया विश्व रिकार्ड भी कागजों में सिमट जाएगा।