सेटेलाइट कम्युनिकेशन, नेविगेशन अर्थ ऑब्जर्वेशन से बदलेगी तस्वीर
डॉ. प्रकाश चौहान ने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक भारत के विकास का इंजन बन रही है। खेती से रक्षा सेवा तक को बेहतर बनाने के तीन स्तंभ सेटेलाइट कम्युनिकेशन, नेविगेशन, अर्थ ऑब्जर्वेशन हैं। जिन ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट नहीं है, वहां बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल कनेक्टिविटी, रक्षा संचार सेटेलाइट से मुमकिन है। स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम नाविक से पोजीशन, नेविगेशन, टाइमिंग (पीएनटी) सेवाएं मिलती हैं। मोबाइल लोकेशन, स्टॉक मार्केट टाइमिंग, ट्रांसपोर्ट सिस्टम में इसका प्रयोग हो रहा है। देश की सीमा की निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर और रणनीतिक योजना में भी सेटेलाइट की अहम भूमिका है।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन
रोटरी क्लब ऑफ बरेली ने शुक्रवार को 75वें चार्टर दिवस समारोह का आयोजन किया। क्लब ने इस वर्ष 75 सामाजिक परियोजनाओं को पूरा करने की उपलब्धि साझा की। कार्यक्रम में नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान मुख्य अतिथि रहे। डॉ. चौहान ने विकसित भारत हेतु भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम विषय पर व्याख्यान दिया। कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अब केवल अन्वेषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी और सतत विकास का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
रोटरी क्लब ऑफ बरेली के अध्यक्ष डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि केरल के छोटे से गांव थुम्बा से शुरू हुई भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब चांद के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंच गई है। विशिष्ट अतिथि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर राजेन विद्यार्थी ने रोटरी के 75 वर्षों को ऐतिहासिक बताया। इस दौरान सृष्टिपूर्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष शिल्पी शर्मा ने 15 मेधावी विद्यार्थियों को इसरो के शैक्षिक भ्रमण के लिए प्रतीकात्मक छात्रवृत्ति प्रदान की। अरविंद गुप्ता, नरेश मलिक, डॉ. जितेंद्र मौर्या, प्रधीर गुप्ता, सुमित अरोरा, संचित अग्रवाल, कुश सक्सेना, राजेश टंडन, एएस अग्रवाल आदि मौजूद रहे।