जेसीबी के आगे बैठी महिलाएं। स्रोत - ग्रामीण
कलीनगर। पुरैनी दीपनगर गांव के महिलाओं ने बुधवार को संवेदनशील क्षेत्र के बजाय दूसरे इलाके में जाल फेंसिंग कराने का आरोप लगाकर विरोध किया। उनका कहना था कि कुछ समय पूर्व गांव निवासी स्वरूप सिंह की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। घटना के बाद अफसरों ने इस इलाके में प्राथमिकता के तौर पर जाल फेंसिंग कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब कार्य को दूसरी जगह शुरू किया गया है।
ग्रामीणों का कहना था कि लगातार हिंसक वन्यजीवों का खतरा बना हुआ है। एक दिन पूर्व भी भालू की चहलकदमी देखी गई। नाराज महिलाएं खोदाई कर रही जेसीबी के आगे बैठ गईं। इसके चलते कुछ देर तक काम बंद रहा। क्षेत्रीय वन कर्मियों के काफी देर तक समझाने पर महिलाएं मानीं।
किसान नेता गुरदीप सिंह गोगी, रंजीत सिंह को ग्रामीणों ने समस्या बताई। उनका कहना है कि पुरैनी क्षेत्र काफी संवेदनशील है। ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरा कराने को लेकर अफसरों से मुलाकात की जाएंगी। महोफ रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर ही जाल फेंसिंग का कार्य कराया जा रहा है। पुरैनी में एक किलोमीटर दायरे में कार्य पूरा हो चुका है। अब जमुनिया गांव की सीमा में कार्य शुरू कराया गया है। बजट के हिसाब से शेष बचे क्षेत्र में जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा। जंगल की स्पष्ट सीमा वाले क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है।