पीलीभीत। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए सरकार ने नई पहल की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पात्र महिलाओं को अब एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे महिलाएं अपनी पसंद के छोटे कारोबार को शुरू कर सकेंगी और पहले से संचालित गतिविधियों को भी विस्तार दे सकेंगी।
ऋण की पूरी धनराशि एक साथ नहीं दी जाएगी। महिलाओं को तीन किस्तों में ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। पहली किस्त में 20 हजार, दूसरी किस्त में 30 हजार और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस तरह पात्र महिला को कुल एक लाख रुपये तक की ब्याज मुक्त ऋण सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
कारोबार बढ़ाने में मिलेगी मदद
फोटो: 19
ब्याज मुक्त ऋण मिलने से कारोबार को बढ़ाने में मदद मिलेगी। अभी पूंजी की कमी के कारण काम को बड़े स्तर पर शुरू नहीं कर पा रहे हैं। ऋण मिलने पर जरूरत के अनुसार सामान खरीदा जा सकेगा।- अनु।
-
ब्याज का बोझ नहीं रहेगा
फोटो: 20
छोटे कारोबार के लिए ऋण तो मिल जाता है, लेकिन ब्याज चुकाने की चिंता रहती है। ब्याज मुक्त ऋण मिलने से यह बोझ कम होगा और कमाई का पैसा कारोबार बढ़ाने में लगाया जा सकेगा।- ममता।
अनु