टाइगर रिजर्व से लगे गांव वनकटी निवासी 55 वर्षीय महिला कलावती को बाघ ने हमला कर मार डाला। दोपहर तीन बजे महिला का शव जंगल में मिला। डीएफओ के अनुसार बाघ ने जंगल में लकड़ी बीनते समय महिला पर हमला किया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से डीएफओ ने महिला के पुत्र को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।
शहर की सिविल लाइंस चौकी के निकट से होकर महोफ जाने वाले मार्ग पर जंगल के किनारे बसे वनकटी गांव निवासी कढ़ेराम खेत पर ही छप्परपोश घर बनाकर रहते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर उनकी पत्नी 55 वर्षीय कलावती कुछ अन्य महिलाओं के साथ जंगल किनारे घास/लकड़ी लेने गई थी। इस बीच करीब तीन बजे बाघ ने उनपर हमला कर दिया। साथी महिलाओं ने भाग कर घर और गांव वालों को सूचना दी। इस पर बड़ी संख्या में लोग ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों से लाठी डंडे लेकर जंगल में पहुंचे और शोर मचाया। इससे बाघ कलावती का शव छोड़कर चला गया। सूचना पर वन विभाग और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने बाघ का हमला जंगल से बाहर खेत में होने की बात कहकर मुआवजे की मांग शुरू कर दी। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। मौके पर पहुंचे डीएफओ एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने मृतका के पुत्र हरीशंकर को कलावती के अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कलावती के परिवार में पति कढ़ेराम के अलावा दो विवाहित पुत्र कल्लू व हरीशंकर हैं।