डीएम के निर्देश पर एडीएम अजयकांत सैनी ने बीएसए कार्यालय में औचक छापामारी की। उन्होंने वरिष्ठ लिपिक और स्टेनो रूम की सघन तलाशी ली। बंद अलमारियों को भी खुलवाकर देखा, लेकिन कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। एकाएक हुई कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
डीएम से बीएसए कार्यालय में शिक्षकों से धनउगाही करने की शिकायत की गई थी। डीएम ने एडीएम को छापेमारी करने के निर्देश दिए। एडीएम बुधवार सुबह करीब 11 बजे टीम के साथ बीएसए कार्यालय जा धमके और उन्होंने वरिष्ठ लिपिक संजय सिंह के कार्यालय की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान पूरे कार्यालय को खंगाला गया। सभी अलमारियों को खुलवाकर देखा गया। एक अलमारी की चाबी न मिलने पर उसे पेचकस की मदद से खुलवाकर देखा गया। इसके बाद उन्होंने स्टेनो नजाकत खां के कार्यालय की भी तलाशी ली। यहां भी बारीकी से तलाशी ली गई। करीब 40 मिनट तक दोनों कार्यालय की तलाशी ली गई, लेकिन कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। छापेमारी के बाद एडीएम बीएसए से वार्ता करने के बाद चले गए। बीएसए कार्यालय में एकाएक हुई छापामार कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान एडीएम के साथ एसडीएम सदर श्रद्धा सांडिल्यायान, सीओ सिटी निर्मल विष्ट भी मौजूद रहे।
...तो दूसरे कर्मचारी से हो गई पूछताछ
छापामार कार्रवाई के दौरान पहुंची टीम ने बीएसए कार्यालय के कर्मचारी संजय सक्सेना के बारे में पूछताछ की। टीम संजय सक्सेना से ही पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन मौके पर सौरभ सक्सेना मिल गए। जिससे धोखे में जांच अधिकारी ने सौरभ सक्सेना से ही पूछताछ शुरू कर दी। बाद में अधिकारियों को इसकी हकीकत पता चल सकी।
वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर कार्रवाई की गई, लेकिन कोई आपत्तिजनक चीज नहीं पाई गई है।
- अजयकांत सैनी, एडीएम