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Pilibhit News: समझदारी और होशियारी ही साइबर ठगी से बचने का एक मात्र उपाय

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डिवाइन कॉलेज में अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बोलते सीओ सदर।संवाद
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पीलीभीत। समझदारी और होशियारी से ही साइबर ठगों से बचा जा सकता है। सीओ सदर विधि भूषण मौर्य ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहना कोई बुरी बात नहीं, मगर अन्जान व्यक्ति को अपना समर्थन बिल्कुल न दें। इससे कभी भी आप किसी मुसीबत में फंस सकते हैं। शुक्रवार को डिवाइन कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में उन्होंने विद्यार्थियों को इससे सावधान किया।
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उन्होंने कहा कि अन्जान नंबर से आने वाले वीडियो काॅल भी नहीं उठाने चाहिए। साइबर ठग खुद को पुलिस बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर अपराध की बात कहकर ठगी करते हैं। इसलिए स्वयं का जागरूक होना बेहद जरूरी है। पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, बल्कि सीधे थाने बुलाती है।
उन्होंने बताया कि फेसबुक पर अन्जान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करें। इसके साथ ही सोशल साइड को लॉक कर रखें। उन्होंने वूमेन हेल्पलाइन, सीएम हेल्पलाइन समेत अन्य टोल फ्री नंबर के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया।
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उन्होंने ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं को अपने परिवार के लोगों को भी दोपहिया वाहन पर हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करने को कहा। कहा कि हादसे में किसी एक की मौत से समाज को बढ़ा नुकसान होता है।
साइबर सेल के प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। जानकारी और जागरूकता ही इसका बचाव है। ईमेल अटैचमेंट के जरिये किसी साफ्टवेयर को डाउनलोड न करें। क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें। किसी भी प्रकार की ओटीपी भूलकर किसी के साथ शेयर न करें।
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, इससे तुरंत मदद मिल जाएगी। व्हाट्सएप में टू स्टेप को अपनाकर अपना डाटा सुरक्षित रख सकते हैं। ऑनलाइन एकाउंट को हमेशा लॉग आउट रखें। मुफ्त उपहार, प्रस्ताव, संदेश, मेल आदि पर विश्वास न करें। रातोंरात अमीर बनने के प्रलोभन से बचें। कार्यक्रम का संचालन सत्यपाल सिंह ने किया। इस मौके पर कॉलेज की निर्देशिका चारू धवन, प्रधानाचार्य नीरज कुमार जायसवाल आदि मौजूद रहे।

डिजिटल हस्ताक्षर है ओटीपी, किसी से साझा न करें
अधिकारियों ने बताया कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल सूझबूझ से करें। इसमें आपकी हर गोपनीय जानकारी छिपी हुई है। आपका ओटीपी डिजिटल हस्ताक्षर है, इसे कभी किसी से साझा नहीं करें। फोन पर आने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करें। इससे आर्थिक हानि हो सकती है।अन्जान वीडियो कॉल रिसीव न करें। 1930, 1076, 1090, 181, 112, 1098 आदि हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया।

नए कानूनों के बारे में जानकारी देकर किया जागरूक
सीओ ने विद्यार्थियों को नए कानून, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के बारे में बताया। कहा कि नए कानून की प्राथमिकता महिलाओं और बच्चों के प्रति होने वाले अपराध रोकना है। कानून में चोट को भी परिभाषित किया गया है।

डिवाइन कॉलेज में अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बोलते सीओ सदर।संवाद

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