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साहब! पहले शहर की तस्वीर तो बदलिए...

Mon, 18 Dec 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
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wiring - फोटो : amar ujala
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तारों के मकड़जाल और खुले में रखे ट्रांसफार्मरों का समाधान नहीं
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घर-घर बिजली से रोशन करने के उद्देश्य के साथ रविवार से विद्युत विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना की शुरूआत की जा चुकी है। इसको लेकर बिजली कनेक्शन निशुल्क बांटे जा रहे हैं। इस योजना को लेकर विभागीय अधिकारी भले ही ग्रामीण इलाकों में तस्वीर बदलने में कामयाब हो जाएं, लेकिन लंबे अरसे बाद भी हादसे को दावत देते झूलते व उलझे तारों के मकड़जाल और खुले में रखे विद्युत ट्रांसफार्मरों का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को नहीं। आए दिन तारों के टूटकर गिरने की सूचनाएं सामने आती हैं। इसके बावजूद तस्वीर को बदला नहीं जा सका है। ऐसे में गांवों के हर घर को रोशन करने की कवायद कहां तक कारगर होगी कहना मुश्किल होगा। पेश है बाजार के व्यस्ततम इलाके से लेकर गलियों में फैली इस अव्यवस्था को उजागर करती की रिपोर्ट...। 
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दृश्य एक: पुस्तकालय मार्ग 
सुनहरी मस्जिद चौराहा से सटे युवक संघ पुस्तकालय के पास के इस व्यस्ततम इलाके में दिन हो या रात लोगों की आवाजाही रहती है। यहां पर खुले में रखे ट्रांसफार्मर की बाउंड्री कराने की कई बार मांग की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। 
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दृश्य दो: गुरुद्वारा रोड 
बरेली गेट से गुरुद्वारा पंजाबियान के रास्ते पर मोहल्ला तखान मोड़ पर रखा बिजली विभाग का खुले रखा ट्रांसफार्मर कई बार आग उगल चुका है। बीते दिनों दोपहर में भीड़ के बीच अचानक इसमें भीषण आग लग गई थी, इससे अफरातफरी का माहौल बना रहा। अभी भी इससे निकलने वाले तार सड़क से गुजरने वालों के लिए खतरा बने हुए हैं। 
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दृश्य तीन: लोहा मंडी 
जेपी रोड से सटे लोहा बाजार भीड़ वाला इलाका है। यहां पर दिन भर ग्रामीण इलाकों के लोगों की आवाजाही रहती है। यहां पर बिजली के तारों का मकड़जाल कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। कई बार स्पार्किंग होने पर भगदड़ की स्थिति बन चुकी है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर कोई सुध नहीं लिया। 
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दृश्य चार: गैस चौराहा 
रेलवे स्टेशन रोड पर अहम गैस चौराहा को शहर का केंद्र बिंदु भी कहा जा सकता है। मुख्य बाजार से सटे इस इलाके में यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर तारों के इस मकड़जाल से टूटकर एक चिंगारी भी गिर जाए, तो बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यहां पर भी तारों के हालात बेहतर नहीं कहे जा सकते। 
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समस्या सुनने वाला कोई नहीं 
युवक संघ पुस्तकालय में आए दिन अफसर भी आते हैं। यहां की बदहाल तस्वीर को बदलने के लिए उनसे कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन कोई नतीजा नही निकल सका। आज तक कोई यहां पर स्थित में सुधार करना तो दूर, परेशानी को समझने भी नहीं आया है। 
अजीरूल हसन, मोहल्ला मस्जिद पठानी 
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जानलेवा है ये लापरवाही 
झूलते तार और खुले में रखे ट्रांसफर जानलेवा हैं। इसका समाधान कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को गंभीरता बरतनी चाहिए। कई बार इसको लेकर राहगरों, दुकानदारों को दिक्कत उठानी पड़ी है। 
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अजीत बाजपेई, व्यापारी 

व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। शासन से लागू की गई योजनाओं से जनता लाभान्वित हो रही है। तारों व ट्रांसफार्मरों के रखरखाव की स्थिति को लेकर जानकारी कराई जाएगी। इसका भी हरसंभव समाधान कराया जाएगा। 
मनोज कुमार पाठक, अधीक्षण अभियंता 
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