बजट का अभाव झेल रहे टाइगर रिजर्व दैनिक वेतनभोगियों को हटाने को विवश है। वाचरों के बाद अब वायरलेस आपरेटरों को हटाने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है। वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि स्टाफ कम होने से जंगल की सुरक्षा में दिक्कतें आ सकती हैं।
टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए विभाग ने दैनिक वेतन पर वाचर और वायरलेस आपरेटर नियुक्त किए थे। लेकिन एनटीसीए से बजट न मिलने पर दो माह पूर्व पांचों रेंज के सभी 54 वीटों में चार- चार वाचर नियुक्त थे जिसे दो-दो वाचर कर दिए गए थे। उस दौरान 108 वाचर हटाए गए। तब से विभाग जैसे तैसे काम चला रहा है। इसके बाद भी बजट न मिलने पर जंगल में अस्थाई रूप से तैनात करीब 23 वायरलेस आपरेटरों को भी हटाने को टाइगर रिजर्व विवश हो गया है।
दो दिन पूर्व हुई अधिकारियों की बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है। कुछ रेंजरों ने इससे उत्पन्न होने वाली समस्या का हवाला देकर ऐसा न करने का प्रस्ताव रखा था। इस पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पहली नवंबर से वायरलेस आपरेटरों को हटाने की तैयारी है। इस बाबत डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि बजट न मिलने के कारण दिक्कत आ रही है। लेकिन अभी तीन चार दिन हैं। बजट हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है शीघ्र बजट प्राप्त हो जाएगा।