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तीन माह में शुरू हो जाएगी जेल में वीडियो कांफ्रेंसिंग

Wed, 02 Dec 2015 10:39 PM IST
plibhit
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पुरानी जर्जर पड़ी महिला बैरक तोड़कर वीडियो कांफ्रेंसिंग हाल बनाए जाने के लिए जिला जेल के भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने बैरक को ध्वस्त कराने का काम शुरू कर दिया है। जेल प्रशासन का दावा है कि तीन महीने के अंदर हॉल का निर्माण कार्य पूरा कराकर वीडियो कांफ्रेसिंग सुविधा चालू हो जाएगी।
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वर्ष 2012 में शासन ने सूबे की सभी जेलों में वीडियो कांफ्रेसिंग सुविधा उपलब्ध कराने की योजना अमल में लाई थी। जेल में बंद कैदियों और बंदियों को वीडियो कांफ्रेसिंग द्वारा अदालत के सामने पेश करने के लिए जजी परिसर और जिला जेल में हालनुमा भवन बनना था। वर्ष 2014 में तत्कालीन जेल अधीक्षक ने जिला जजी परिसर में जमीन और जिला जेल में जर्जर पड़ी पुरानी महिला बैरक को तोड़कर भवन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अब उस प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी देते हुए भवन निर्माण के लिए 43.50 लाख और जिला जजी में भवन निर्माण के लिए 25.84 लाख रुपये दिए, लेकिन महिला बैरक तोड़ने का प्रस्ताव शासन में अटक गया।
शासन से मंजूरी न मिलने से जेल में भवन के निर्माण का रास्ता साफ नहीं हो सका था। उधर कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड ने जिला जजी में भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा करा चुकी है। अमर उजाला ने 20 नवंबर के अंक में पेज संख्या छह पर 'प्रस्ताव को नहीं मिली अनुमति, निर्माण अटका’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का असर यह हुआ कि शासन ने प्रस्तावित महिला बैरक को तोड़ने की अनुमति दे दी है।
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जेलर अशोक कुमार सागर ने बताया कि महिला बैरक को तोड़े जाने की अनुमति मिल गई है। बैरक को तोड़े जाने का कार्य चल रहा है। तीन महीने के अंदर निर्माण कार्य पूरा होने के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग सुविधा चालू हो जाएगी।
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