अमरिया क्षेत्र में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
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पीलीभीत/अमरिया। अमरिया में पिछले चार माह से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ शनिवार रात 12.08 बजे सूरजपुर के एक बाग में लगे पिंजरे में कैद हो गया। चार महीने बाद तेंदुआ पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। तेंदुए के दाएं पैर के पंजे पर चोट के निशान पाए गए हैं। उसके बाद तेंदुए को कानपुर चिड़ियाघर भेजने की तैयारी कर ली गई है।
चार महीने पहले तेंदुआ अमरिया तहसील क्षेत्र के आबादी वाले एरिया में आ गया था। जो अब तक दो दर्जन से अधिक पालतू कुत्तों को अपना निवाला बना चुका था। तेंदुए के लगातार आबादी वाले इलाके में घूमने और पालतू जानवरों पर हमला करने से ग्रामीणों में आक्रोश था। एक बार तो किसानों ने वन विभाग के स्टाफ को अपने खेतों में न घुसने की चेतावनी दी थी। उसके बाद वन एवं वन्यजीव प्रभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए ऑपरेशन तेंदुआ शुरू किया था। इसी अभियान को लेकर तहसील क्षेत्र के चार अलग-अलग स्थानों पर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए, मगर तेंदुआ लगातार वनकर्मियों को चकमा देकर पालतू जानवरों को अपना निवाला बनाता रहा। ग्रामीणों में दहशत लगातार बढ़ती जा रही थी क्योंकि इन दिनों धान की फसल कटाई का सीजन है। अधिकांश किसान खेतों में रहते हैं। ग्रामीणों को डर था कि धान की फसल काटते वक्त तेंदुआ किसी भी समय उन पर हमला कर सकता है। इधर, शनिवार रात वन एवं वन्यजीव प्रभाग को उस समय सफलता मिल गई, जब सूरजपुर गांव के एक बाग में रखे पिंजरे में बंधी बकरी को निवाला बनाने के लिए तेंदुआ उसके अंदर घुस गया। तेंदुए के घुसते ही अपने आप पिंजरा बंद हो गया। रविवार तड़के जानकारी लगने के बाद वन एवं वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के बीच पिंजरे को ट्रैक्टर ट्रॉली से टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में लाया गया। यहां पशु चिकित्सक ने तेंदुए का मेडिकल परीक्षण किया। डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुआ नर है। उसकी उम्र पांच साल है। तेंदुए के दाएं पैर में पुराना जख्म है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे कानपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा।