अमरिया। पिछले कुछ समय में एक दर्जन से अधिक गांव एवं फार्म हाउसों पर विशेष नस्ल के कीमती और आवारा कुत्तों को निवाला बना चुके तेंदुए की फार्म हाउस की बाउंड्री के बीच चहलकदमी से दहशत फैल गई। हमलावर तेंदुए के आतंक से त्रस्त होकर फार्म हाउस स्वामी ने वन कर्मियों को खरी खोटी सुनाई। फार्म हाउस स्वामी ने पिछले 25 दिनों से तेंदुआ पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा और खेतों में लगे कैमरे वापस ले जाने को कहा।
तहसील क्षेत्र के गांव सूरजपुर निवासी परमवीर सिंह पैरी ने बताया कि पिछले एक दशक से इस क्षेत्र में कई बाघ घूमते रहते हैं। लेकिन बाघों ने अभी तक कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। कुछ माह पूर्व एक तेंदुआ फार्म हाउस के अलावा विशनपुर, खलीनवादा, रसूला, जगत, तिरकुनियां नसीर, कैमोर आदि गांवों में आवारा एवं विशेष नस्ल के दर्जनों पालतू कुत्तों को अपना निवाला बना चुका है। एक माह पूर्व परिवारजनों के सामने से तेंदुए ने फार्म हाउस के अंदर घूम रहे एक विशेष नस्ल के कुत्ते को निवाला बना लिया था।
20 जून को सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने उसके बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे रखवाए थे। लेकिन इसमें से एक पिंजरे को दो चार दिन चलाया गया। बाद में तेंदुए की लोकेशन न मिलने की बात कहकर बंद कर दिया। शनिवार की रात चहलकदमी करता हुआ तेंदुआ फार्म हाउस की बाउंड्री में पहुंच गया। तेंदुए की चहलकदमी से फार्म हाउस में रहने वाला परिवार दहशत में आ गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वन कर्मियों से फार्म हाउस स्वामी पैरी सिंह ने नाराजगी दिखाते हुए वहां बंद पड़े पिंजरे और खेतों में लगे कैमरे हटाने को कहा है।
पैरी फार्म पर तेंदुए की लोकेशन नहीं मिली। इसलिए पिंजरे को बंद किया गया था। अब तेंदुए की फार्म हाउस के पास फिर लोकेशन मिली है, इसलिए पिंजरे को दोबारा चालू किया जाएगा। -सतेंद्र कुमार चौधरी, रेंजर