पीलीभीत। जंगल से बाहर आया बाघ पिछले 15 दिनों से शहर के आसपास घूम रहा है। दो दिन पहले तो उसकी लोकेशन शहर से महज दो किलोमीटर दूर स्थित पिपरावाले गांव में मिली थी। इसके बाद शुक्रवार से नवदिया घिसी गांव के निकट बाघ डेरा जमाए हुए हैं। रात के अलावा दिन में भी बाघ की चहलकदमी देखी जा रही है। यह इलाका शहर से पांच किलोमीटर के दायरे में हैं।
बाघ पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज के जंगल से 15 दिन पहले बाहर निकला था। शुरुआत में जंगल के आसपास इलाकों में घूमने के बाद बाघ आगे की ओर से बढ़ता गया। मोहनपुर गांव की सीमा से होकर बुधवार को शहर से सटे पिपरावाले गांव के निकट पहुंच गया। खेतों में घूम रहे छुट्टा पशुओं का बाघ ने शिकार किया। शुक्रवार को उसकी लोकेशन नवदिया घिसी गांव के निकट देखी गई। बाघ ने एक बकरे का शिकार करने के साथ दूसरे को घायल कर दिया था।
इसके बाद से बाघ गांव की सीमा में स्थित एक गन्ने के खेत में डेरा जमाए हुए हैं। बाघ पर नजर रखने के लिए वन विभाग की तीन टीमों के अलावा वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीम जुटी हुई है।
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गोयल कॉलोनी की सीमा में भी डेरा जमाए है एक बाघ
माला रेंज के बाहर दो बाघ सक्रिय हैं। एक नवदिया घिसी की सीमा में डेरा जमाए है दूसरा बाघ जंगल से सटे इलाके में स्थित गोयल कॉलोनी की सीमा में देखा जा रहा है। दो दिन से उसकी लगातार मौजूदगी देखी जा रही है। जंगल में घूमते हुए बाघ की एक वीडियो भी वायरल हुई।
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शहर के पांच किलोमीटर दायरे में बाघ देखा जा रहा है। निगरानी के लिए कई टीमें लगी हुईं हैं। बाघ के पुराने रास्ते पर लौटने की उम्मीद है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
- पीयूष मोहन श्रीवास्तव, रेंजर, सामाजिक वानिकी प्रभाग