पूरनपुर। दियोरिया के जंगल से निकलकर बाघ गांव मटेहना के समीप हरदोई ब्रांच नहर पटरी पर आ गया। बाघ देखकर लोगों ने शोर-शराबा किया। जिस पर वह झाड़ियों में छिप गया। सूचना पर पहुंची टीम ने जांच की, मगर बाघ और उसके पगचिह्न नहीं मिले। बाघ की निगरानी को टीम लगाई गई है।
दियोरिया के जंगल से गांव मटेहना की दूरी करीब 800 मीटर है। अक्सर वन्य जीव जंगल से निकलकर गांव मटेहना और आसपास आबादी के समीप आ जाते हैं। बृहस्पतिवार सुबह बाघ जंगल से निकलकर गांव मटेहना कॉलोनी नंबर छह के समीप आ गया। हरदोई ब्रांच नहर पटरी पर बाघ को घूमते देख कुछ लोगों ने इसकी जानकारी गांव पहुंचकर लोगों को दी। एकत्र हुए लोगों ने शोर-शराबा किया। इस पर बाघ झाड़ियों में छिप गया। सूचना पर दियोरिया रेंज के प्रभारी रेंजर दिनेश गिरी, सामाजिक वानिकी के प्रभारी रेंजर कपिल कुमार, टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाघ की चहलकदमी की सूचना पर लोगों की भीड़ लग गई, जिसपर पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को बमुश्किल हटाया। वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभारी रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि जांच में न तो बाघ के पगचिह्न मिले और न ही बाघ दिखा है। निगरानी को टीम लगाई गई है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।