पीलीभीत। पीटीआर के जंगल में एक जख्मी भालू देखे जाने की पुष्टि होने के बाद विभागीय कर्मियों में हलचल बढ़ गई। वन अफसरों के निर्देश पर भालू पर पल-पल निगाह रखने को संबंधित क्षेत्र में 10 ट्रेपिंग कैमरे लगाए गए हैं। वहीं एक निगरानी टीम का भी गठन किया गया है जो घायल भालू की गतिविधियों पर निगाह रखेगी। वन अफसरों के मुताबिक यदि जरूरत पड़ी तो भालू को रेस्क्यू कर उसका इलाज कराया जाएगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में भालुओं की भी संख्या अच्छी खासी है। वास को लेकर भालुओं में भी आपसी संघर्ष होता है।
इधर, पीटीआर में एक घायल भालू के दिखने की बात सामने आई थी। जिस पर वन अफसरों ने पड़ताल कराई तो पीटीआर की एक रेंज में घायल भालू देखे जाने की बात सच साबित हुई।
बताते हैं कि भालू के सिर में चोट लगी हुई है और उसमें कीड़े भी पड़ चुके हैं। यह भालू घायल कैसे हुआ, इसके कारणों का पता नहीं चल सका है, मगर पीटीआर प्रशासन भालू को जान बचाने के लिए जुट गया है। वन अफसरों के निर्देश पर भालू के वास स्थल वाले इलाके में 10 ट्रेपिंग कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से भालू की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही उप प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद्र राय के नेतृत्व में महोफ रेंजर आरिफ जमाल, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दक्ष गंगवार और बीट इंचार्ज की एक निगरानी टीम बनाई गई है, जो भालू पर निगाह रखेगी। जरूरत पड़ी तो पीटीआर प्रशासन घायल भालू का रेस्क्यू कर इलाज करवाएगा।
पीटीआर में एक भालू घायल अवस्था में पाया गया है। संभवत: यह आपसी संघर्ष में घायल हुआ होगा। इसको लेकर संबंधित क्षेत्र में 10 ट्रेपिंग कैमरे लगवाए गए हैं। एक निगरानी टीम को भी इस पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व