धुआं उगलते वाहनों से वातावरण में जहर घुल रहा है। कार्बन, सीसी सहित तमाम जहरीले पदार्थों का अंश वायुमंडल में मिल रहा है जो हमारे जीवन के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। वायु प्रदूषण के निर्धारण को बनाया गया एअर क्वालिटी इंडेक्ट (आरेंज लेबल) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।
हर व्यक्ति को सांस लेने के लिए आक्सीजन की जरूरत होती है, जो हमें वायुमंडल से मिलती है, लेकिन पेड़ों के अंधाधुंध कटान से जहां वातावरण में आक्सीजन की कमी हो रही है वहीं सड़कों पर लगातार बढ़ते वाहनों से निकलने वाले धुएं की जहरीली गैस आवोहवा को जहरीला बना रही है। वाहनों के चलाने के लिए डीजल और पेट्रोल का प्रयोग होता है। डीजल वाहनों से हाइड्रो कार्बन, नाइट्रोजन, सल्फर के डाई आक्साइड एवं सूक्ष्म कार्बनिक कण निकलते हैं, वहीं पेट्रोल वाहनों के धुएं में कार्बन मोनो आक्साइड और शीशा मौजूद रहते हैं। जिले की बात करें तो यहां वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। परिवहन विभाग में एक वर्ष में पंजीकृत वाहनों की संख्या 1.50 लाख से बढ़कर 1.62 लाख पहुंच गई है वहीं अन्य शहरों के वाहनों का आना-जाना भी बढ़ा है। वायुमंडल में वाहनों के निकलने वाले धुएं के जहरीले कणों से दमा, तपेदिक, कैंसर पीड़ितों की संख्या बढ़ने की आशंका रहती है, साथ ही बच्चों की लंबाई पर भी कुप्रभाव पड़ता है।
एक हजार गैलन पेट्रोल से
उत्सर्जित पदार्थों की स्थिति
उत्सर्जी पदार्थ मा त्रा (किलोग्राम)
कार्बन मोनो आक्साइड 1000-1280
कार्बनिक वाष्प 80-160
नाइट्रोजन के आक्साइड 8-30
गंधक के यौगिक 6.8
कार्बनिक अम्ल 0.8
अमोनिया 0.8
जस्ता व अन्य आक्साइड 0.13
खतरनाक स्थिति में पहुंचा इंडेक्स
रामा कॉलेज के विज्ञान प्रवक्ता एवं जिला विज्ञान क्लब के रिसोर्स परसन अजय शर्मा ने बताया कि वायु प्रदूषण की स्थिति जांचने को वैज्ञानिकों ने मानक निर्धारित किया है। इस इंडेक्स के तहत जिले की स्थिति खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है।
एअर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति
अंक कलर स्थिति
0-50 हरा अच्छा
51-100 पीला सामान्य
101-150 नारंगी खतरनाक
151-200 बैंगनी अत्याधिक खतरनाक
वाहन प्रदूषण कम करने के उपाय
- यूरो(3) मानकों का कड़ाई से पालन हो।
- मोटर वाहनों का रखरखाव ठीक रखा जाए।
- सीसा रहित पेट्रोल का प्रयोग किया जाए।
- पुराने वाहन के संचालन पर प्रतिबंध लगे।
- पेट्रोल-डीजल रहित यातायात को बढ़ावा मिले
वाहनों के धुएं को निर्धारित स्थिति में रखने के लिए रजिस्ट्रेशन से पूर्व प्रदूषण की जांच कराई जाती है। इसके साथ ही समय समय पर वाहनों की चेकिंग के दौरान प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने पर कार्रवाई भी की जाती है।
- नेहा द्विवेदी, एआरटीओ (प्रशासन)