बीसलपुर (पीलीभीत)। धान खरीद में सेंध लगाने के लिए बीते दिनों अफसरों को इनपुट मिला था कि शाहजहांपुर का धान स्थानीय किसानों के नाम पर क्रय केंद्रों पर बिकवाया जा रहा है। बिचौलियों और माफिया के सक्रिय होने पर निगरानी बढ़ा दी गई थी। इसी का असर रहा कि शाहजहांपुर से कम रेट पर खरीदकर लाए गए धान को दो बिचौलिये क्रय केंद्र पर बिकवाने में सफल नहीं हो सके। सवाल किए गए तो दोनों अपना धान छोड़कर भाग गए। केंद्र प्रभारी की ओर से मिली तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें एक आरोपी पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर का रहने वाला है।
मंडी परिसर में पीसीएफ के राजकीय धान क्रय केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि गुरुवार की शाम दो बिचौलिये किसान बनकर अपना 60 क्विंटल धान तुलवाने आए थे। बातचीत में शक होने पर उनसे सवाल किए गए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एसडीएम को बुलाने की बात कहने पर बिचौलिये अपना धान छोड़कर भाग गए। केंद्र प्रभारी ने पूरे मामले की रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी। एसडीएम के निर्देश पर केंद्र प्रभारी ने कोतवाली में मामले की तहरीर दी।
कोतवाल सुनील शर्मा ने बताया कि केंद्र प्रभारी की तहरीर पर धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें कोतवाली क्षेत्र के गांव रोहनिया निवासी रामसरन और निगोही (शाहजहांपुर) के गांव तालगांव निवासी सबलू को नामजद किया गया है। बिचौलिये का धान केंद्र प्रभारी की सुपुर्दगी में दिया गया है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि कराई गई जांच पड़ताल में सामने आया है कि बिचौलिया यह धान शाहजहांपुर के कस्बा तिलहर से कम रेट पर खरीद कर लाए थे।