जिले में गेहूं उतार की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इसके चलते क्रय केंद्रों पर सरकारी गेहूं का स्टाक बढ़ता जा रहा है। इधर मंडी समिति में सभी क्रय केंद्र प्रभारियों ने उतार न होने के चलते गेहूं को मंडी के टिनशेड में भर दिया है। जिससे मंडी के कई टिनशेड भर गए हैं। क्रय केंद्र एवं मंडी में गेहूं का स्टाक बढ़ने से खरीद प्रभावित हो रही है। जिससे किसानों को दिक्कत आ रही है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 148 क्रय केंद्र खोले गए थे जिनकी संख्या घटकर अब लगभग 118 रह गई है। इन क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं को एफसीआई के गोदामों में उतारा जाना है लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते गोदाम में इस गेहूं को रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई परिणाम स्वरूप खरीद शुरू होने के कुछ समय बाद ही एफसीआई के सभी गोदाम फुल हो गए। इसके बाद जिला प्रशासन की मदद से कुछ निजी गोदाम एवं राइस मिलों का अधिगृहण किया गया लेकिन यह भी नाकाफी साबित हुए। हालात यह है कि जिले में 1.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 90 प्रतिशत गेहूं खरीदा जा चुका है लेकिन इस खरीदे गए गेहूं में मात्र 60 प्रतिशत का ही उतार हुआ है 40 प्रतिशत गेहूं क्रय केंद्रों पर मौजूद है। जिले में स्थान न होने के कारण बरेली के परसाखेड़ा स्थित गोदाम में उतार के निर्देश दिए गए हैं लेकिन परिवहन का वास्तविक किराया सरकारी किराए से अधिक होने के चलते हैंडलिंग ठेकेदार इसे बरेली ले जाने से कतरा रहे हैं। चूंकि पहले से खरीदा गए गेहूं का उतार नहीं हो पा रहा है इसलिए केंद्र प्रभारी तरह तरह के बहाने बनाकर खरीद नहीं कर रहे हैं जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। डिप्टी आरएमओ डॉॅ. अविनाश कुमार झा ने बताया कि पूरनपुर क्षेत्र में खरीदे गए सभी गेहूूं का उतार बरेली करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पीलीभीत क्षेत्र के गेहूं का उतार ललौरीखेड़ा में कराने का प्रयास किया जा रहा है।