पीलीभीत। जिले के सरकारी क्रय केंद्राें पर गेहूं खरीद शुक्रवार को पूरी हो गई। 90 दिन में आरएफसी सहित सभी क्रय एजेंसियों ने मिलकर निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 36.36 प्रतिशत खरीद की। जिले में गेंहू खरीद के शुरुआती दौर में मंडी का भाव ज्यादा होने से सरकारी खरीद की रफ्तार धीमी रही। बाद में खरीद ने रफ्तार पकड़ी। बीते वर्ष की तुलना में इस बार 23 प्रतिशत अधिक खरीद हुई।
वर्ष 2024-25 की अपेक्षा वर्ष 2025-26 में जिले के 139 केंद्रों पर 23 प्रतिशत खरीद में बढ़ोतरी हुई। क्रय एजेंसियों ने 36.36 प्रतिशत गेंहू खरीद की। इसमें आरएफसी ने 15774.65 मीट्रिक टन की खरीद के साथ 32.86 प्रतिशत, पीसीएफ ने 7686.10 मीट्रिक टन के साथ 48.04 प्रतिशत, यूपीएसएस ने 5130.20 मीट्रिक टन के साथ 33.10 प्रतिशत, पीसीयू ने 7561.92 मीट्रिक टन खरीद के साथ 42.01 प्रतिशत, नैफेड ने 1440.45 मीट्रिक टन के साथ 48.02 प्रतिशत, एनसीसीएफ ने 1443.75 मीट्रिक टन और एफसीआई ने 2963.60 मीट्रिक टन गेंहू खरीदा।
जिले में गेहूं खरीद 17 मार्च से शुरू हुई थी। समर्थन मूल्य 2425 के सापेक्ष बाजार मूल्य अधिक होने का असर खरीद पर पड़ा। यही वजह रही कि लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
आरोपों में रही एफसीआई
हर बार की तरह एफसीआई के कर्मचारी इस बार भी आरोपों से घिरे रहे। नमीयुक्त गेंहू बताकर वापस मंडी ट्रक लौटाते रहे। कुछ केंद्र प्रभारियों की गाड़ी गोदाम पर उतरवा ली गई। कई बार ललौरीखेड़ा गोदाम पर ट्रासंपोर्टर व कर्मचारियों में झगड़े की भी स्थिति बनी।