पूरनपुर। जमीन में अंश निर्धारण न होने से शारदा पार के कई गांवों के किसान गेहूं को सरकारी खरीद केंद्र पर बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। किसान का खतौनी में अंकित नाम एसडीएम की ओर से सत्यापित न होने के कारण यह समस्या सामने आ रही है। इससे किसान औने-पौने दामों में गेहूं बिक्री करने को मजबूर हो रहे हैं।
शारदा नदी पार ग्राम पंचायत वमनपुर भागीरथ, राघवपुरी, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज में भूदान यज्ञ समिति की आवंटित जमीन पर वर्ष 1991 में किसानों को जमीन के पट्टे दिए गए थे। किसान मिली जमीन पर फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। जमीन के एक-एक गाटा में 30 से 60 एकड़ जमीन है। गेहूं बिक्री को किसानों का पंजीकरण भी हो रहा है। खरीद केंद्र पर गेहूं बिक्री के लिए पहुंचने पर सिस्टम के पूरा गाटा नंबर उठाने से रकबा में अन्य कई खातेदारों के नाम होने से उसके अंश निर्धारण की स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है।
परिणाम स्वरूप गेहूं बिक्री के दौरान सिस्टम पर खतौनी में अंकित नाम एसडीएम की ओर से सत्यापित न होने के कारण खरीद नहीं की जा सकती है का मेसेज दिख रहा है। समस्या पर किसान शारदा पार के गांव बैल्हा में खोले गए गेहूं खरीद केंद्र पर गेहूं की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं।
आल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के जिलाध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि समस्या को लेकर डीएम को जानकारी दी गई। डीएम ने अधीनस्थ अफसरों को समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। अफसर किसानों की समस्या का समाधान कराने में रुचि नहीं ले रहे है। उन्होंने बताया कि डीएम से पूरे मामले की शिकायत कर समस्या का समाधान कराने की मांग की गई है। संवाद