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इस बार 6.16 मीट्रिक टन गेहूं उपज का अनुमान

Tue, 24 Feb 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
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तराई के इस कृषि प्रधान जिले में गन्ने के बाद गेहूं प्रमुख फसल है। फसल तैयार होने पर अब खाद्य एवं विपणन विभाग ने इसकी खरीद की व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। इसके लिए विभाग ने कृषि विभाग से गेहूं के क्षेत्रफल और संभावित उपज के आंकड़े मांगे थे। कृषि अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर विपणन विभाग को भेज दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस बार गेहूं का रकबा और उपज दर दोनों बढ़े हैं। गत वर्ष जिले में 1.43 लाख हेक्टेअर में गेहूं की फसल हुई थी जिसकी औसत पैदावार 36.66 क्विंटल प्रति हेक्टेअर थी। इस बार हुई अच्छी बारिश और गन्ने से मोहभंग होने के कारण किसानों ने गेहूं में रुचि दिखाई है। जिससे इसका रकबा तीन हजार हेक्टेअर बढ़कर 1.46 लाख हेक्टेअर हो गया है। साथ ही इसकी औसत पैदावार 4.33 क्विंटल प्रति हेक्टेअर बढ़कर 42.33 क्विंटल प्रति हेक्टेअर हो गई है। औसत उपज और क्षेत्रफल के अनुसार जिले में इस बार 6.16 मीट्रिक टन पैदावार होने की संभावनाएं व्यक्त की गई हैं।
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गत वर्ष 1.60 मैट्रिक टन का था लक्ष्य
पिछले साल भी गेहूं की अच्छी पैदावार हुई थी। इसको देखते हुए शासन ने जिले में गेहूं खरीद के लिए 1.60 मैट्रिक टन का लक्ष्य रखा था। संभावना व्यक्त की जा रही है कि जिले का उत्पादन देखते हुए इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य भी अधिक रहेगा।

गेहूं खरीद की तैयारियां की जा रही हैं। गेहूं खरीद लक्ष्य का निर्धारण कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर शासन से किया जाता है। लक्ष्य के अनुसार जिले में खरीद कराई जाएगी।
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- ईश्वर चंद्र गुप्ता, डिप्टी आरएमओ
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