वर्ष 2013-2014 में जिले के किसानों ने 1.43 लाख हेक्टेअर क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन इस बार 1.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई है। औसत उपज भी इस बार बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। जिला प्रशासन ने गेहूं के बढ़े रकबे को ध्यान में रखते हुए पिछले साल बनाए गए 129 क्रय केंद्रों की संख्या को बढ़ा कर 136 क्रय केंद्र कर दिए हैं।
होली के समय ही खाद्य विभाग ने सभी क्रय एजेंसियों से क्रय केंद्रों के प्रस्ताव मांगे थे जिनपर अब डीएम ओएन सिंह ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। एजेंसियों के खरीद केंद्रों का निर्धारण तो हो गया है लेकिन शासन से लक्ष्य न मिलने और एसएमआई की तैनाती न होने से समय से गेहूं खरीद प्रारंभ होने के आसार कम नज़र आ रहे हैं।
यह हाल तब है जब कुछ किसानों ने अपनी गेहूं फसल की कटाई भी शुरू कर दी है। ऐसे में यदि समय से गेहूं खरीद केंद्र चालू नहीं हुए तो किसानों को अपनी फसल बिचौलियों के हाथों बेचनी पड़ेगी। इससे बारिश और ओलावृष्टि की मार से बदहाल हुए किसानों को एक बार फिर खुले बाजार में लुटना पड़ सकता है।
पूरनपुर ब्लाक में सर्वाधिक 71 केंद्र
गेहूं खरीद के लिए जिले में 136 केंद्रों में सर्वाधिक 71 केंद्र पूरनपुर ब्लाक में खोले जा रहे हैं। सबसे कम बरखेड़ा में दो केंद्र हैं। अन्य ब्लाकों में क्रमश: ललौरीखेड़ा में 17, मरौरी और बीसलपुर में 13, अमरिया में 11 और बिलसंडा में नौ केंद्र खोले जा रहे हैं।
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खरीद एजेंसी स्वीकृत गेहूं क्रय केंद्र
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खाद्य विभाग 12
पीसीएफ 39
यूपीएग्रो 08
यूपीएसएस 38
एसएफसी 10
केकेसी 06
एनसीसीएफ 05
एफसीआई 05
केवीएसएस 07
नेकाफ 06
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योग 136
गेहूं खरीद के लिए एजेंसियों से प्राप्त आवदेनों पर 136 केंद्रों का प्रस्ताव बनाकर डीएम को भेजा गया था जिसे स्वीकृति मिल गई है। एसएमआई की तैनाती भी जल्द की जा रही है।
- ईश्वर चंद्र गुप्ता, डिप्टी आरएमओ