अमर उजाला व फ्यूचर इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित दिवाली कार्निवल में हुए सिंगिंग कार्यक्रम के दौरान गांधी प्रेक्षागृह का मैदान स्वर लहरियों से गूंज उठा। आवाज की धनी प्रतिभाओं ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी।
युवा महोत्सव के रूप में मनाए जा रहे इस दिवाली कार्निवल के तहत शुक्रवार शाम शुरू हुए सिंगिंग कार्यक्रम का शुभारंभ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष हाजी मोहम्मद अफरोज जिलानी ने रंग बिरंगे गुब्बारे छोड़ कर किया। प्रतिभागियों ने म्यूजिकल ग्रुप ब्लैक पैंथर की धुन पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। इस दौरान शुभम कुमार ने हमारी अधूरी कहानी, जसकरन बाबू, हर्षित सिंह ने देखा ना हाय रे सोचा ना, मोहम्मद उवैस ने क्या हुआ तेरा वादा, मुदित पाठक ने इश्क चढ़ा है आदि गाने गाकर श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों ने भी जोरदार प्रस्तुति देकर जमकर तालियां बटोरी। इस मौके पर शहर के तमाम गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
घुड़सवारी और बग्घी का उठाया लुत्फ
पीलीभीत। युवा महोत्सव दिवाली कार्निवल के दौरान शुक्रवार शाम गांधी प्रेक्षागृह में हुए कार्यक्रम में बच्चों ने गीत संगीत के साथ ही घुड़सवारी और बग्घी का भी जमकर आनंद उठाया। बच्चों ने इन सभी कार्यक्रमों के लिए अमर उजाला का आभार जताया। गीत संगीत कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के अलावा यहां पहुंचे अन्य बच्चे घुड़सवारी व बग्घी देख खुशी से झूम उठे और कार्यक्रम के शुभारंभ से लेकर देररात तक समापन तक बच्चों ने घुड़सवारी और बग्घी एवं अन्य झूलों का जमकर लुत्फ उठाया।
घुड़सवारी, बग्घी राइडिंग का अंतिम मौका आज
शहर के जो बच्चे घुड़सवारी व बग्घी का आनंद लेने से वंचित रह गए हैं उनके लिए अमर उजाला व फ्यूचर इंस्टीट्यूट शनिवार को भी मौका दे रहा है। शनिवार सायं दिवाली कार्निवल में नृत्य संगीत के कार्यक्रम के साथ बच्चों के लिए घुड़सवारी, बग्घी व झूलों की मुफ्त व्यवस्था भी की गई है।
रोशनी में नहाया शहर
पीलीभीत। अमर उजाला और फ्यूचर इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित दिवाली कार्निवल के तहत शहर की प्रमुख सड़कों को बिजली की झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। शुक्रवार दिन छिपने के बाद से ही इन राइटों को रोशन कर दिया गया। जिससे शहर के प्रमुख मार्ग रोशनी में नहाए रहे। शहर में शाम को खरीदारी करने निकले और कार्यक्रम में आने वाले रोशनी को देख काफी प्रफुल्लित नजर आए। सभी ने इस पहल की खुले कंठ से प्रशंसा की।