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छुअत शिला भई नारि अहिल्या....

Wed, 28 Sep 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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 श्रीराम लीला में मंगलवार को अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन किया गया। इसके बाद गुरु विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को सीता स्वयंवर दिखाने जनकपुरी ले जाते हैं।
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परमठ मंदिर में चल रही श्रीराम लीला में मंगलवार को प्रभु श्रीराम लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुरी में सीता स्वयंवर देखने रवाना होते हैं। रास्ते में एक सुनसान स्थान पर शिला पड़ी देख प्रभु श्रीराम गुरु विश्वामित्र से उसके बारे में पूछते हैं। गुरु ने उन्हें बताया कि गौतम ऋषि के श्राप से उनकी पत्नी अहिल्या पत्थर बन गई हैं। इस पर प्रभु श्रीराम शिला को पैर से छूते हैं। प्रभु का स्पर्श पाते ही अहिल्या श्राप से मुक्त होकर नारी रूप में प्रकट होती हैं और परलोक चली जाती हैं। इसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र जनकपुरी पहुंचते हैं। विश्वामित्र के आगमन की सूचना पर राजा जनक मुनि शतानंद को उनके स्वागत को भेजते हैं। जनकपुरी में आराम करने के बाद दोनों भाई भ्रमण करने निकलते हैं। लीला का मंचन समाप्त होने पर दर्शकों ने प्रभु श्रीराम की आरती उतार कर प्रसाद ग्रहण किया। यहां महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्र, केशव सक्सेना, धीरेंद्र मिश्र, अभय शर्मा, देश दीपक मिश्र, अवनीश शर्मा, अमिताभ त्रिपाठी, नरेश शुक्ल, संजीव मिश्र, ओमप्रकाश, इंद्रसेन, सहित कई लोग थे।
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श्रीराम लीला में आज
 मीडिया प्रभारी नरेश शुक्ल ने बताया कि बुधवार को पुष्प वाटिका, गौरीपूजन और वरदान प्राप्ति की लीला का मंचन सुनील नरायण के बाग में होगी।
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